रायपुर। Chhattisgarh Local Edit: छत्तीसगढ़ में कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण के तेज प्रसार और मौतों की बढ़ती संख्या के कारण लोगों की जान बचाने के लिए पूरे राज्य में लाकडाउन लगाना पड़ा। शायद इसी आशंकित भयावह स्थिति को भांपते हुए राज्य सरकार ने छह माह पहले ही जीवन रक्षक दवाओं और एक्स-रे मशीन की खरीदारी का आदेश छत्तीसगढ़ राज्य मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन (सीजीएमएससी) को दिया था।

मगर सीजीएमएससी के अधिकारियों की उदासीनता के कारण आज तक खरीदी नहीं की गई। नतीजा सामने है। कोरोना संकट के समय मरीज परेशान हैं, स्वजन हलकान हैं और सरकार शर्मसार है। खरीदी नहीं होने के जिम्मेदार लोगों की छोटी-सी सुस्ती के कारण कई कोरोना संक्रमितों की जान सांसत में है तो कई दम तोड़ चुके होंगे।

राज्य सरकार ने कोरोना काल के संकट का अनुमान लगाते हुए दवा और अन्य उपकरणों की खरीदी के लिए इस कमेटी का गठन किया था, मगर दुर्भाग्य से कमेटी की स्वीकृति के बाद भी सुस्त प्रक्रिया के कारण खरीदी नहीं हो पाई। सीजीएमएससी के अधिकारियों के रवैए ने कोरोना काल में भी जीवन रक्षक दवाओं और एक्स-रे मशीन की खरीदी प्रक्रिया को प्रभावित कर दिया।

सरकार ने प्रदेश के 21 जिलों में एक्स-रे मशीन की खरीदी के लिए 14 सितंबर, 2020 को ही आदेश दिया था, लेकिन अब तक खरीदी नहीं हुई। इतना ही नहीं, जीवन रक्षक दवा फेवीपिराविर की 77 लाख टैबलेट की मांग के लिए 13 अप्रैल को सूचना भेजी गई थी। अधिकारियों ने अब तक उसकी प्रक्रिया भी शुरू नहीं की। दवा की कमी से जूझ रहे कर्मियों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य विभाग की एससीएस से की है।

इस मामले का पर्दाफाश होने के बाद स्वास्थ्य संचालनालय के अधिकारियों ने सफाई दी है कि सीजीएमएससी को 13 अप्रैल को दवा, एंटीजन टेस्ट किट, इंजेक्शन, सैनिटाइजर, सर्जिकल ग्लब्स, थर्मल स्कैनर समेत 32 वस्तुओं की खरीदी का प्रस्ताव भेजा गया था। अब तक इसमें से आधे से ज्यादा की खरीदी की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पाई है। खरीदी की इसी सुस्त रफ्तार के कारण ही रेमडेसिविर और अन्य इंजेक्शन के लिए मरीजों को भटकना पड़ा।

सरकार को चाहिए कि प्रशासन में छिपी इन काली भेड़ों को पहचान कर ऐसी कार्रवाई करे, जो इस तरह की मानसिकता रखने वालों के लिए नजीर बने और भविष्य में कोई प्राणघातक उदासीनता बरतने का दुस्साहस न कर सकें। ऐसे ही तत्वों के कारण व्यवस्था ध्वस्त होती है और सरकारें बदनाम होती हैं।

Posted By: Azmat Ali

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