रायपुर। Chhattisgarh Local Edit: छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी होने के बाद भी प्रशासन ने कुछ छूट के साथ लाकडाउन की अवधि बढ़ा दी है। यह छूट भी जान है और जहान के तर्ज पर दी गई है, ताकि लोगों को जरूरत के सामान मिल सकें और रोजी भी चल सके। इस छूट का कतई यह अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए कि कोरोना का खतरा टल गया है, बल्कि और भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

राज्य के बस्तर संभाग में अभी नए और घातक स्ट्रेन का खतरा मंडरा रहा है। यह स्ट्रेन तीन या चार दिनों में ही मौत के करीब पहुंचा देता है। राजधानी में मिली छूट के पहले ही दिन सरकारी राशन दुकानों पर उमड़ी अनियंत्रित भीड़ ने कोरोना गाइडलाइन के तहत शारीरिक दूरी नियमों की धज्जियां उड़ा दी और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। यह लापरवाही घातक हो सकती है।

शासन ने मंगलवार को फिर लाकडाउन बढ़ा दिया है। इसमें लाकडाउन की मियाद बढ़ाने के साथ ही आम लोगों की सुविधा को देखते हुए कुछ राहत और छूट देने की बात कही गई है। रायपुर और दुर्ग जिला, जहां संक्रमण कुछ हद तक नियंत्रण में है, इस वजह से इन दोनों जिलों में अतिरिक्त छूट दी गई है। इसके तहत मुहल्लों की किराना दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है, लेकिन दुकानें पांच बजे तक ही खुली रहेंगी।

हालांकि रविवार को पूर्ण लाकडाउन रहेगा। लाकडाउन की बढ़ाई गई अवधि के दौरान इस छूट का लाभ आम लोगों को मिलेगा। वे अपने दैनिक जरूरतों की वस्तुएं आसानी से खरीद सकेंगे। शायद शासन को भी इस बात की आशंका थी कि छूट के दौरान लोग अनियंत्रित हो जाएंगे। यही वजह रही कि मोहल्लों की स्वतंत्र दुकानें खोलने की अनुमति तो दी गई, लेकिन ग्राहक वहां खड़े होकर खरीदारी नहीं कर पाएंगे, बल्कि दुकानदार उनसे सामानों की सूची लेकर आपूर्ति केलिए घर पहुंच सेवा देंगे।

पूर्ण लाकडाउन से कोरोना की चेन तोड़ने में कुछ सफलता मिली तो एहतियाती कदम उठाते हुए दी गई छूट का स्वागत किया जाना चाहिए। शासन का यह कदम अंकुश रखते हुए लोगों को रोजी-रोटी कमाने की सुविधा देने का है। साथ ही यह संकेत भी है कि कोरोना से मुक्ति के लिए संयम भी होना जरूरी है। हालांकि इस छूट से एक दिन पहले ही शासन की नाक के नीचे राजधानी में सरकारी दुकान से राशन लेने के लिए उमड़ी भीड़ ने चिंता में डाल दिया है।

इससे इस बात की आशंका बलवती होने लगी है कि कहीं लोग छूट का मतलब कोरोना के संकट से राहत के रूप में ले लें। शासन को इस पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है कि जिन शर्तों पर राहत दी गई है, उसका पालन सुनिश्चित हो। लोग भी इस कोरोना के इस खतरे को समझें। उनकी छोटी सी लापरवाही कई लोगों की जान ले सकती है।

Posted By: Azmat Ali

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