रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। Chhattisgarh News : राजधानी समेत जिले भर में फाइलेरिया से बचाने के लिए तीन दिनों में 23 लाख 14 हजार 49 लोगों को अल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी। ताकि फाइलेरिया की बीमारी को रोका जा सके। फाइलेरिया के संक्रमण को रोकने के लिए जिले भर में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अभियान शुरू किया जा रहा है। 24 से 26 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान के तहत पूरे जिले में 6612 सेंटर बनाए गए हैं। इनके माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति को दवा खिलाकर संक्रमण के प्रभाव को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्षेत्र के अस्पताल एवं ब्लॉक स्तर के अस्पताल अभियान के दौरान 24 घंटे खुले रहेंगे। डॉ. विमल किशोर राय ने बताया कि पहले भी अभियान चलाया जाता था, लेकिन अपेक्षित लाभ लोगों को मिलता नहीं दिखा। इसे लेकर केंद्र सरकार ने जांच के लिए हमें स्कूलों की सूची मांगी थी। इसमें केंद्र ने 71 स्कूलों का चयन कर फाइलेरिया की जांच कराई गई। इसमें 70 से अधिक बच्चे प्रभावित मिले। वहीं शहर के खपराभट्ठी, ब्राह्मण पारा, ईंटाभट्ठी, कुशालपुर तो जिले के आरंग, अभनपुर सहित अन्य इलाकों में फाइलेरिया पीड़ित अधिक पाए गए हैं। ऐसे में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अभियान के दौरान लोगों को स्वास्थ्य कर्मी सामने ही दवा का सेवन कराएंगे।

लाइलाज बीमारी है फाइलेरिया

फाइलेरिया रोग के कृमि नुमा परजीवी पीड़ित की लसिका ग्रंथियों एवं लसिका वाहिनियों को प्रभावित करते हैं। क्यूलेक्स नामक मादा मच्छर इस रोग के परजीवियों को प्रभावित शरीर से स्वस्थ शरीर में फैलाते हैं। इसमें ठंड लगकर बुखार आता है, प्रभावित अंग में लालिमा दिखती है और सूजन हो जाती है। बेहतर उपचार न होने के कारण चार से पांच वर्ष बाद हाथ, पांव, स्तन, अंडकोष में स्थाई सूजन आती है, जो लाइलाज है।

इस तरह करें दवा का सेवन

चिकित्सकों ने बताया कि एक से दो वर्ष के बच्चों को आधी टोबलेट 200 एमजी, दो से पांच वर्ष के बच्चों को एक टेबलेट 400 एमजी, छह से 14 वर्ष के बच्चों को दो टेबलेट और 15 से अधिक आयु वर्ग लोगों को तीन टेबलेट देने की सलाह दी गई है। गर्भवती महिलाएं एवं दो वर्ष से कम आयु वाले गंभीर रोगी व अति वृद्ध व्यक्तियों को दवा नहीं लेने की सलाह दी गई है।

इनका कहना है

जिले में फाइलेरिया के संक्रमण को रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सेंटरों की स्थापना कर स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से लोगों को दवा खिलाई जाएगी। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए लोगों को इसका लाभ लेना चाहिए।

डॉ. मीरा बघेल, सीएमएचओ, जिला रायपुर

Posted By: Hemant Upadhyay