रायपुर। Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों के करीब एक हजार कर्मियों पर दो करोड़ स्र्पये से अधिक के गबन का आरोप है। यह आर्थिक अनियमितताएं वित्त विभाग की आडिट में पकड़ में आई है। राज्य के विभिन्न् नगरीय निकायों में गबन के कुल 651 प्रकरण दर्ज हैं।

इनमें से कुछ मामले 20 वर्ष पुराने हैं, लेकिन विभाग वसूली नहीं कर पा रहा है। इसे देखते हुए नगरीय प्रशासन विभाग ने राज्य के पांचों संभागों के क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को पत्र लिखकर गबन की राशि वसूलने और संबंधितों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। गबन के ज्यादातर आरोपित राजस्व विभाग के हैं।

नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक (वित्त) अमिताभ शर्मा के अनुसार अंकेक्षण (आडिट) के बाद प्रतिवेदन संबंधित निकाय को भेजा जाता है। आडिट में दर्ज आपत्तियों का निराकरण कराने का उत्तरदायित्व कार्यालय प्रमुख का ही होता है। क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को लिखे पत्र में शर्मा ने कहा है कि निकायों में कई वर्षों से गबन के प्रकरण लंबित हैं। गबल अत्यंत गंभीर स्वस्र्प की आपत्ति है, जिसका निराकरण न कराए जाने के कारण शासन को आर्थिक क्षति हो रही है।

नगर निगम: 54 प्रकरण में 31 लाख 47 हजार 345

नगर परिषद: 196 प्रकरण में 59 लाख 73 हजार 766

नगर पंचायत: 401 प्रकरण में एक करोड़ 40 लाख 24 हजार

गबन के 651 प्रकरण की सूची जारी

विभाग की तरफ से गबन के 651 प्रकरणों की पूरी सूची जारी की गई है। इनमें कुछ मामले राज्य स्थापना के वर्ष 2000-01 का है। अंबिकापुर में 2000-01 के तीन गबन के मामले पेडिंग हैं। इनमें एक प्रकरण में 381 स्र्पये के गबन का आरोप है। इसी तरह 2002-03 के भी कई मामले लंबित हैं। ज्यादातर पुराने मामलों में गबन की राशि हजार स्र्पये से कम ही है।

रायपुर नगर निगम में छह प्रकरण

नगर निगम रायपुर में आधा दर्जन मामले हैं। इनमें पांच 2009-10 और एक 2013-14 का है। यहां गबन करने वाले ज्यादार कर्मी राजस्व विभाग के हैंं 2013-14 में सहायक राजस्व निरीक्षक राजू दुबे पर सबसे ज्यादा चार लाख 22 हजार से अधिक के गबन का आरोप है। बिलासपुर नगर निगम में चार, जगदलपुर नगर निगम में सात, अंबिकापुर नगर निगम में 12, रायगढ़ नगर निगम में 14, राजनांदगांव निगम में नौ और कोरबा में एक प्रकरण लंबित है।

लैलूंगा में सबसे बड़ा गबन

रायगढ़ जिले के लैलूंगा नगर पंचायत में गबन की राशि सबसे बड़ी है। 2013-14 में वहां करीब 12 लाख स्र्पये से अधिक का गबन हुआ था। इस मामले में तत्कालीन सीएमओ समेत दो लोग आरोपित हैं। वहीं, जगदलपुर में 2014-15 में चार लोगों पर 10 लाख स्र्पये से अधिक के गबन का आरोप है।

Posted By: Kadir Khan

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