रायपुर। नईदुनिया, राज्य ब्यूरो। Chhattisgarh News मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मितव्ययिता की कोशिशों पर सरकारी अफसरों की गाड़ियां भारी पड़ रही हैं, क्योंकि रायपुर से नया रायपुर चक्कर लगाने में अफसरों की गाड़ियां हर वर्ष साढ़े आठ करोड़ का ईंधन पी जा रही हैं। वहीं, नवा रायपुर में अफसरों के लिए बने करीब 130 मकान तीन वर्ष से वीरान पड़े हैं। सेक्टर-17 में बने ई और डी टाइप के यह मकान मंत्रालय से महज दो से ढ़ाई किलोमीटर की दूरी पर हैं। इसके बावजूद अफसर रायपुर का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं।

इस बीच मुख्य सचिव आरपी मंडल नवा रायपुर शिफ्ट हो गए हैं। मंडल करीब 13 वर्ष तक देवेंद्र नगर स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी के एक ही मकान में रहे। नवा रायपुर शिफ्ट होकर उन्होंने एक संदेश देने की कोशिश की है। सीएस न केवल नवा रायपुर शिफ्ट हुए हैं, वरन उन्होंने अपना ईंधन का कोटा भी घटाकर 80 लीटर करा दिया है।

अब देखना यह होगा कि बाकी अफसर कब तक अपने प्रशासनिक प्रमुख के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश करते हैं। एनआरडीए के अफसरों के अनुसार नवा रायपुर में बने मकान देवेंद्र नगर स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी से बेहतर हैं।

एक अफसर की गाड़ी को 240 लीटर पेट्रोल

मंत्रालय में पदस्थ अफसरों के वाहनों के लिए हर महीने सरकार 240 लीटर पेट्रोल देती है, जबकि बाकी राज्यों में यह सीमा 80 लीटर की है। अफसरों ने बताया कि छह वर्ष पहले तक यहां भी यही लिमिट तय थी, लेकिन मंत्रालय शिफ्ट होने के बाद इसे बढ़ा दिया गया। सूत्रों के अनुसार कुछ अफसर दिनभर में दो चक्कर लगाते हैं। यानी दोपहर का भोजन करने भी रायपुर आते हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो खुद नहीं आते, लेकिन उनकी गाड़ी आती है।

क्यों नहीं जा रहे नवा रायपुर

नवा रायपुर को बसाने में अब तक करीब आठ हजार करोड़ स्र्पये खर्च किया जा चुका है। इसके बावजूद अफसर वहां नहीं जा रहे हैं। इसको लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि आईएएस चयन के बाद जो भी राज्य मिलता है अफसर चले जाते हैं। इतना ही नहीं किसी भी जिले में कलेक्टर या एसडीएम बनकर जाने को तैयार रहते हैं तो फिर नया रायपुर में जाकर रहने में क्या दिक्कत है, जबकि वहां हर तरह की सुविधा उपलब्ध है।

बेकार पड़ा था इस वजह से 10 मकान सीआरपीएफ को

सेक्टर-17 में अफसरों के लिए बने मकान में से 10 इस वक्त सीआरपीएफ को दिए गए हैं। अफसरों के अनुसार मकान खाली पड़े थे, इस वजह से सीआरपीएफ को आवंटित कर दिया गया।

सीएम खुद कर रहे खर्च में कटौती

मुख्यमंत्री ने खर्च में कटौती करने के लिए अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी है। इसके साथ ही सीएम ने उनके कार्यक्रमों में सजावट पर अनावश्यक खर्च न करने की हिदायत दे रखी है। कार्यक्रम में न्यूनतम आवश्यक व्यवस्थाएं ही करने को कहा है।

Posted By: Hemant Upadhyay

fantasy cricket
fantasy cricket