रायपुर ।Chhattisgarh News : रायपुर में लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे प्रेमी जोड़ों की शादी रचाने के आवेदन को सरकार ने खारिज कर दिया है। साथ ही हिंदू-मुस्लिम जोड़े को भी फेरे लेने की अनुमति नहीं दी है। इस तरह का मामला मुख्यमंत्री निर्धन कन्या योजना विवाह के अंतर्गत आए आवेदनों की छंटनी के बाद सामने आया है। इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री निर्धन कन्या योजना के तहत 25 फरवरी को साइंस कॉलेज मैदान में होने जा रहे सामूहिक विवाह के लिए 575 युवक-युवतियों ने आवेदन दिया था। इन आवेदनों की जांच-पड़ताल के बाद पता चला कि तीन जोड़े काफी समय से लिव-इन-रिलेशन में रह रहे हैं। उनके माता-पिता नहीं चाहते कि उनका विवाह हो। सरकार की किरकिरी न हो, इसलिए रिलेशनशिप में रहने वालों को सामूहिक विवाह में शामिल करने की इजाजत नहीं दी गई।

सांप्रदायिक बखेड़ा न हो, इसलिए लौटाया : जांच पड़ताल में एक मामला हिंदू-मुस्लिम युवक-युवती का भी सामने आया। इसमें भी माता-पिता की सहमति नहीं थी। विवाह के बाद कहीं दो धर्मों के बीच बखेड़ा खड़ा न हो जाए, इस वजह से उनके आवेदन को भी यह कहकर लौटा दिया गया कि वे माता-पिता का सहमति पत्र लेकर आएं।

नाबालिगों का आवेदन खारिज : दो ऐसे भी मामले सामने आए, जिसमें कन्या तो 18 साल की थी, लेकिन युवक को बालिग होने में दो महीने बचे थे।

इनका कहना है

'सत्र 2019-20 में रायपुर जिले में हो रहे पहले सामूहिक विवाह में 500 का लक्ष्य था। इसके बाद भी कई गरीब परिवार निवेदन करने पहुंचे। जांच पड़ताल करके अनुमति दी गई। अब संख्या 568 पहुंच गई है। किसी तरह का विवाद न हो, इसलिए हिंदू-मुस्लिम और लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रहे जोड़े को कार्यक्रम में शादी की अनुमति नहीं दी गई है।'

-अशोक कुमार पांडेय, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग

Posted By: Hemant Upadhyay