रायपुर। नईदुनिया, राज्य ब्यूरो। Chhattisgarh Panchayat Election 2020 छत्तीसगढ़ में भाजपा के चुनावी 'भात पर बात" को बड़ा झटका लगा है। भाजपा ने पंचायत चुनाव को लेकर जनता के बीच पहुंचकर धान समेत सरकार की नाकामियों पर घेरने का अभियान शुरू किया था। प्रदेश कार्यालय से अभियान का आगाज किया गया, लेकिन बड़े नेताओं ने रुचि नहीं ली। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर संगठन के बड़े नेताओं ने अभियान से दूरी बनी रही। कुछ स्थानों को छोड़कर कहीं भी धरातल पर यह अभियान नजर नहीं आ रहा है। अब प्रदेश संगठन ने नेताओं को चर्चा के लिए गांव में उतरने का फरमान जारी किया है।

बता दें कि विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव को छोड़ दें तो हर स्थानीय चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ रहा है। हालिया नगर निकाय चुनावों में भी नगर निगमों में भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया। इसे पार्टी के अंदरखाने कलह के रूप में भी देखा जा रहा है।

पंचायत चुनाव पार्टी के लिए अच्छा अवसर था जब कार्यकर्ताओं को चार्ज कर कांग्रेस सरकार को घेरा जा सकता था। इसके लिए भात पर बात अभियान की घोषणा पूर्व मंत्री और पंचायत चुनाव प्रभारी अजय चंद्राकर ने की थी। गरियाबंद में 82 गांव के किसानों और आम आदमी के जुटान के साथ अभियान शुरू किया गया, लेकिन इसके बाद पार्टी शिथिल हो गई।

प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी कांकेर के एक-दो कार्यक्रम में शामिल हुए। यही हाल पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का भी रहा। डॉ रमन राजनांदगांव और कर्वा के कार्यक्रम में शामिल हुए लेकिन अपने गृह व निर्वाचन जिले से बाहर नहीं निकले। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक भी बिल्हा के कार्यक्रम तक सीमित रह गए। पूरे अभियान को किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संदीप शर्मा के भरोसे छोड़ दिया गया।

संदीप ने कुछ जिलों में कार्यक्रम को आयोजित किया, लेकिन वहां भी जनता का समर्थन नहीं मिला। संदीप शर्मा ने भी 18 जनवरी को आखिरी भात पर बात कार्यक्रम किया। अजय चंद्राकर ने दावा किया था कि यह अभियान पंचायत चुनाव तक चलेगा। इसमें गांव-गांव पदाधिकारी पहुंचकर भूपेश सरकार की असफलता को उजागर करेंगे।

अभियान की घोषणा करने वाले ही गायब रहे

अभियान की घोषणा करने वाले पंचायत चुनाव प्रभारी व पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर अभियान के आगाज के दिन ही नहीं पहुंचे। बताया गया कि उनके परिवार में कोई गम का कार्यक्रम था, वो बाद में शामिल होंगे। इसके बाद के आयोजनों में भी चंद्राकर नहीं दिखे।

सीएए-एनआरसी के कार्यक्रम में भी नजर नहीं आए बड़े नेता

प्रदेश में सत्ता से बाहर होने के बाद भाजपा के बड़े कार्यक्रमों में भी बड़े नेता नजर नहीं आए। सीएए को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या की सभा में न तो प्रदेश अध्यक्ष, न ही नेता प्रतिपक्ष नजर आए। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह सभा में नहीं शामिल हुए, लेकिन मौर्या की पत्रकारवार्ता में साथ नजर आए। बताया गया कि नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक दिल्ली के कार्यक्रम में होने के कारण शामिल नहीं हो पाए।

Posted By: Hemant Upadhyay

fantasy cricket
fantasy cricket