रायपुर ।Chhattisgarh Plantation : छत्तीसगढ़ में बीते कई वर्षों से प्रत्येक सीजन (मानसून) में करीब सात करोड़ पौधे रोपने का दावा किया जा रहा है। सरकारी रिपोर्ट्स के अनुसार 10 वर्ष में 70 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए हैं। तल्ख सच्चाई यह है कि इनमें से 10 फीसद पौधे भी जमीन पर नजर नहीं आते। 44 फीसद वनक्षेत्र वाले प्रदेश के जंगलों में 125 करोड़ पेड़ हैं। ऐसे में अगर पिछले दस वर्षों के पौधे संरक्षित और सुरक्षित होते तो 195 करोड़ पौधों के साथ प्रदेश में वनक्षेत्र 70 फीसद तक पहुंच गया होता।

जानकार कहते हैं कि इसकी सबसे बड़ी वजह पौधरोपण के नाम पर केवल खानापूर्ति है। अभियान चलाकर आनन- फानन में पौधे लगा तो दिए जाते हैं, लेकिन रोपने से पहले न जमीन देखी जाती है, न उनकी सही देखभाल की जाती है। इस वर्ष भी राज्य में लगभग सात करोड़ पौधे लगाने की तैयारी है। इसमें से अकेले वन विभाग पांच करोड़ से अधिक पौधे लगाएगा।

राज्य में पौधारोपण को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गंभीर दिख हैं। इस मुद्दे पर बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वन अफसरों को आगाह किया कि हर बार आप लोग लाखों पौधे लगाते हैं, लेकिन दिखता कहीं नहीं है। इस बार इतने पौधे ही लगाएं जो दिखें। सीएम ने यह भी कहा है कि वे स्वयं पौधों का निरीक्षण करेंगे। यही वजह है कि वन विभाग इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

यहां लगेंगे अधिक पौधे

11 जुलाई से प्रदेश भर में पौधरोपण शुरू कर दिया जाएगा। जंगल के अंदर और बाहर पौधे रोपित किए जाएंगे। इस बार सबसे ज्यादा सरगुजा, बिलासपुर और कांकेर सर्किल में पौधरोपण होगा।

छह सर्किल में इतना होगा पौधरोपण

- सरगुजा में 1 करोड़ 30 लाख 34 हजार 806

- बिलासपुर में 1 करोड़ 44 लाख 29 हजार 879

- कांकेर में 77 लाख 83 हजार 162

- रायपुर में 67 लाख 75 हजार 922

- जगदलपुर में 33 लाख 18 हजार 562

- दुर्ग में 31 लाख 58 हजार 923 ।

जीपीएस से होगी निगरानी

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पौधरोपण के बाद जिले के अधिकारी समय-समय पर मुख्यालय के अधिकारियों को पौधों के संबंध में जानकारी देते रहेंगे। साथ ही जीपीएस के माध्यम से निगरानी की जाएगी।

कहां हो रही गलती

वन विभाग के पौधरोपकण की तकनीक को हाईकोर्ट में चुनौती देने वाले पर्यावरण प्रेमी नीतिन सिंघवी के अनुसार पौधरोपण के लिए जमीन का चुनाव दिसंबर में हो जाना चाहिए। चयनित जमीन के हिसाब से वहां रोपे जाने वाले पौधे तैयार कराए जाते हैं। मई तक वहां पौधे लगाने के लिए गड्ढों की खोदाई हो जानी चाहिए। मानसून आने के साथ पौधरोपण शुरू हो जाना चाहिए, लेकिन 20 जुलाई के बाद पौधे नहीं लगाए जाने चाहिए। इसके विपरीत राज्य में जमीन चयन से लेकर पौधरोपण तक जुलाई में शुरू होता है। सिंघवी ने बताया कि विभाग ने हाईकोर्ट में शपथपत्र देकर इसका पालन करने का वादा किया है।

Posted By: Sandeep Chourey

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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