Chhattisgarh Politics: रायपुर। प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार क शासनकाल में संसदीय सचिवों की नियुक्ति का विरोध करने वाली कांग्रेसी के सुर सत्ता में आने के बाद बदल गए हैं। संसदीय सचिवों की नियुक्ति का विरोध करने वाली कांग्रेस अब सरकार बनने के बाद अपने शासन काल में संसदीय सचिवों की नियुक्ति की तैयारी कर रही है।

भाजपा ने अपने शासनकाल में 11 संसदीय सचिवों की नियुक्ति की थी। उस वक्त विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस संसदीय सचिव की नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। साथ ही यह तर्क भी दिया था कि यह दोहरे लाभ का पद है। कांग्रेस अब खुद संसदीय सचिवों की नियुक्ति करने की तैयारी में है।

विधायकों को मिलेगा संसदीय सचिव का पद

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कुछ वरिष्ठ विधायकों को भी संसदीय सचिव का पद देकर उनके साथ सूचित करेंगे इसमें वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र साहू भी शामिल हैं। वरिष्ठ और असंतुष्ट विधायकों की सूची में अमितेश शुक्ला का नाम भी शामिल हैं, इसलिए उन्हें भी संसदीय सचिव का पद मिलने की पूरी संभावना दिख रही है। इसके अलावा कांग्रेस जल्द ही निगम मंडलों की खाली पड़ी डेढ़ सौ कुर्सियां भी भरने की तैयारी कर रही है।

राज्य के अलग-अलग निगम मंडलों में अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के तौर पर भी विधायकों की नियुक्ती की जाएगी। बता दें कि इस विधानसभा चुनाव में कुल 90 सीटों में से 69 सीटों पर कांग्रेस के विधायक जीत कर विधानसभा पहुंचे हैं। मंत्रीमंडल में 12 सदस्यों को जगह मिली जबकि कई वरिष्ठ विधायकों को पद नहीं मिल सके। इसके बाद से ही कई विधायकों में असंतोष नजर आ रहा है। इसी असंतोष को दूर करने के लिए कांग्रेस विधायकों को पद देकर संतुष्ट करने की कवायद में लगी है।

Posted By: Himanshu Sharma

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