Chhattisgarh Politics: रायपुर, राज्य ब्यूरो। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शामिल नहीं होने पर भाजपा ने सरकार को घेरा है। भाजपा ने सोमवार को प्रदेश में हुए नक्सली हमले के आंकड़े जारी करके कांग्रेस सरकार को घेरा है। भाजपा ने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद हुए नक्सली हमले के आंकड़े सार्वजनिक किए। भाजपा ने वर्ष 2019-20 और वर्ष 2020-21 के आंकड़ों के आधार पर कहा कि राज्य सरकार नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई को लेकर गंभीर नहीं है।

वर्ष 2019-20 में 69 नक्सली मारे गए, जबकि वर्ष 2020-21 में सिर्फ 41 नक्सली को मारा गया। जबकि आदिवासियों की मौत के आंकड़े में कोई खास अंतर नहीं आया है। वर्ष 2019-20 में 55 और वर्ष 2020-21 में 51 आदिवासियों की जान नक्सलियों के साथ मुठभेड़ और नक्सली हमले में गई है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सरकारी संपत्ति को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया गया। वर्ष 2019-20 में नौ करोड़ 56 लाख से ज्यादा शासकीय संपत्ति को नक्सलियों ने बर्बाद किया। जबकि कोरोना काल में जब पूरा देश बंद था, उस दौरान भी नक्सली उत्पात कम होने का नाम नहीं लिया।

वर्ष 2020-21 में एक करोड़ 39 लाख से ज्यादा की शासकीय संपत्ति को नक्सलियों ने नष्ट कर दिया। वर्ष 2019-20 में सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने सरकारी संपत्ति पर कहर बरपाया, तो वर्ष 2020-21 में सुकमा, बीजापुर के अलावा दो नए जिले नारायणपुर और कांकेर के विकास कार्यों पर निशाना साधा।

राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जब नक्सलवाद को लेकर संवेदनशील हैं, तो नक्सल प्रभावित राज्यों को अधिक संवेदनशील होने की जरूरत है। केंद्र नक्सल प्रभावित राज्य को लेकर संयुक्त अभियान के लिए जब बैठक बुलाती है, तो प्रदेश के मुख्यमंत्री या गृहमंत्री को बैठक में शामिल होना चाहिए।

पांडेय ने कहा कि यह महत्वपूर्ण बैठक थी, जिसमें राज्य के नक्सलवाद की स्थिति पर चर्चा होनी थी। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार नक्सलियों से लड़ने की मंशा पर काम नहीं कर रही है। इस मसले पर राज्य सरकार को गंभीरता से कार्य करना चाहिए। पांडेय ने कहा कि कांग्रेस का हमेशा इतिहास रहा कि देश विरोधी ताकतों को मौन समर्थन करती रही है। इसके कारण ही देश विरोधी कई ताकतें मजबूत हो रही थीं।

Posted By: Kadir Khan

NaiDunia Local
NaiDunia Local