संदीप तिवारी. रायपुर (नईदुनिया)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयं सेवक विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पांच जून को देशभर में एक करोड़ पौधे रोपेंगे। वहीं छत्तीसगढ़ में एक लाख पौधे रोपे जाएंगे। इस साल भारत के समुद्र तट के किनारे 7500 किलोमीटर के क्षेत्र में पौधारोपण के साथ-साथ स्वच्छता का अभियान भी चलेगा। बता दें कि भारत तीन तरफ से समुद्र से घिरा विशाल प्रायद्वीप है और इसका समुद्र तट लंबा है, जो 7500 किलोमीटर से अधिक फैला हुआ है।

हर किलोमीटर पर आरएसएस के 75 स्वयं सेवक तैनात रहेंगे। संघ के पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के तहत स्वयं सेवकों ने पर्यावरण सुधार के लिए अकेले छत्तीसगढ़ में ही 50 हजार परिवारों में आक्सीजन और औषधि वाले पांच-पांच पौधों की नर्सरी तैयार कराई है। इन नर्सरी के पौधे पर्यावरण दिवस के मौके पर हर परिवार के सदस्य अपने घर के आसपास या सार्वजनिक जगहों पर रोपेंगे और दूसरे सदस्यों को भी बांटेंगे। देशभर में एक साथ यह अभियान चलेगा।

औषधि वाले पौधे से महकेगी बगिया

आरएसएस की पर्यावरण गतिविधि के तहत चलने वाले इस अभियान के छत्तीसगढ़ से सूत्रधार हैं प्रदेश संयोजक डा. अनिल कुमार । डा. कुमार के मुताबिक इन परिवारों ने अपनी घर की बगिया में औषधि पौधों में तुलसी, एलोवेरा, मनी प्लांट, नीम, गिलोय जैसे पौधे लगाए हैं। इसके अलावा पीपल, बरगद, आंवला के पौधे भी लगाए गए हैं। बरगद का पेड़ सबसे ज्यादा आक्सीजन देता है। इसलिए इसके पौधों को सार्वजनिक जगहों पर लगाया जाएगा। पर्यावरण गतिविधि विभाग की ओर से समाज के दूसरे लोगों से भी पौधा लगाने का आह्वान किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में कम से कम पांच पौधे के बराबर लकड़ी की जरूरत पड़ती है। इसलिए इतने पेड़ तो जरूर लगाएं।

अगस्त में करेंगे प्रकृति वंदना

15 अगस्त से एक सप्ताह तक हम शहीदों के नाम पर एक-एक पौधे लगाएं। इन्हीं नर्सरियों के पौधों से प्रकृति वंदना करेंगे। पिछले साल भी आठ लाख परिवारों ने अपनी नर्सरी में पौधे लगाए थे। प्रदेश में इस बार प्रकृति वंदना के दौरान 10 लाख लोगों को जोड़ा जाएगा। ग्रामीण स्तर पर इसके लिए स्वयं सेवकों को जिम्मेदारी दी जा रही है।

Posted By: Kadir Khan

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