रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्‍तीसगढ़ के निलंबित आइपीएस अधिकारी जीपी सिंह की जमानत याचिका गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई के बाद खारिज कर दी गई है। उनके खिलाफ अनुपातहीन संपत्ति के मामले में एसीबी केस में उन्होंने याचिका लगाई थी। भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में हुई सुनवाई में विशेष न्यायाधीश लीना अग्रवाल ने सभी तर्कों को सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी है।

बता दें कि एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने शिकायत के आधार पर जीपी सिंह और उनके करीबियों के यहां छापे की कार्रवाई की थी, जिसमें 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का राजफाश हुआ था और आपत्तिजनक डोजियर और टूलकिट दस्तावेज समेत पेन ड्राइव जब्त की गई थी। इसके बाद राज्य सरकार के गृह विभाग ने जीपी सिंह को निलंबित कर दिया था।

एसीबी और रायपुर पुलिस की टीम इन दस्तावेजो की जांच में जुटी हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने 154-ए और 124-ए की धाराओं में मामला दर्ज किया। पांच जुलाई को जीपी सिंह को निलंबित करने के बाद आठ जुलाई को कोतवाली थाने में पहली एफआइआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में जीपी के खिलाफ 400 पन्ने का चालान पेश किया था। कोर्ट ने गिरफ्तारी साक्ष्य मांगे। इसके पहले रायपुर पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने में बयान दर्ज कराने के लिए जीपी सिंह को तीन बार नोटिस जारी किया था।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 26 अगस्त को जीपी सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद वह एक सितंबर को आर्थिक अपराध शाखा में अपना बयान दर्ज कराने के लिए पहुंचे हैं।

Posted By: Kadir Khan

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