रायपुर। नईदुनिया, राज्य ब्यूरो। Chhattisgarh Urban Body Election 2019 छत्तीसगढ़ मे नगरीय निकाय चुनाव में केंद्र की मोदी सरकार के फैसले भी मुख्य मुद्दा बन रहे हैं। दो दिन पहले केंद्र सरकार ने सीएबी को पास किया। अब इसे भाजपा के बड़े नेता, सांसद-विधायक चुनावी सभा में उठा रहे हैं। भाजपा सीएबी को मोदी सरकार की उपलब्धि बता रही है, तो कांग्रेस इसे देश बांटने वाला फैसला करार दे रही है।

वार्डों के चुनाव में जहां उम्मीदवार नाली की सफाई और साफ पानी पहुंचाने का वादा कर रहे हैं, तो सांसद-विधायक रोजगार और सीएबी के मुद्दे उठा रहे हैं। राजधानी रायपुर में सांसद सुनील सोनी स्मार्ट सिटी के साथ नया भारत की बात कर रहे हैं। चुनावी चौपाल से लेकर घर-घर दस्तक में उम्मीदवार मोदी सरकार के फैसलों की जानकारी दे रहे हैं और उनके नाम पर वोट मांग रहे है।

प्रदेश में महापौर का सीधे चुनाव नहीं होने के कारण बड़े नेताओं की सभाएं वार्डों तक सिमट कर रह गई है। हर वार्ड में सभा करने में नेताओं के पसीने भी छूट रहे हैं। हर नगर निगम में भाजपा ने तीन से पांच महापौर पद के उम्मीदवारों को पार्षद चुनाव लड़ाया है। ऐसे में इन नेताओं के प्रचार में पहुंच रहे बड़े नेता निगम की समस्याओं के साथ राष्ट्रीय मुद्दों को भी उठा रहे हैं।

राजधानी रायपुर सहित छह नगर निगम में कांग्रेस के महापौर थे। भाजपा अपने प्रचार में महापौर के कार्यकाल को भी मुद्दा बना रही है। प्रदेश में लगातार 15 साल सरकार रहने के बाद भी नगर निगम में विकास नहीं होने पर भाजपा कांग्रेस महापौरों को जिम्मेदार ठहरा रही है। जबकि कांग्रेस अपने चुनाव प्रचार में राज्य सरकार के अड़ंगे को जिम्मेदार बताकर भूपेश सरकार के एक साल के काम पर वोट मांग रही है।

नोटबंदी की तरह नागरिकता के लिए लाइन में खड़ा कराएगी भाजपा

प्रदेश कांग्रेस महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने नोटबंदी के तर्ज पर नागरिकता संशोधन कानून लाया है। नोटबंदी करके लोगों को लाइन में लगाकर खड़ा किया था, वैसे ही नागरिकता संशोधन बिल लाकर नागरिकता के लिए भी लाइन में खड़ा करना चाहते हैं।

सीएबी से पूरा पूर्वोत्तर भारत अशांत है, बंगाल अशांत है। असम, बंगाल, बिहार देश में चौरतरफा आग लग गई है। जापान के प्रधानमत्री का भारत दौरा रदद् हुआ है। संविधान धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करता, लेकिन भाजपा धर्म के नाम पर एक दूसरे को लड़ाना चाहती है।

बागियों पर अब चलेगा अनुशासन का डंडा

कांग्रेस के बागियों पर अब अनुशासन का डंडा चलेगा। त्रिवेदी ने बताया कि नामांकन वापसी के बाद भी जो कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता नाम वापस नहीं ले पाये थे, उन्हे पार्टी ने 13 दिसंबर तक मौका दिया था। उन्हें अपनी उम्मीदवारी शून्य करके कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव में प्रचार-प्रसार करने की समझाइश दी गई थी। जिन लोगों ने चुनाव प्रचार मे डटे रहने का फैसला किया है, उनको छह वर्ष के लिए निष्कासित करने का निर्णय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने सभी जिला इकाइयों को दे दिया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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