रायपुर। नईदुनिया, राज्य ब्यूरो। Chhattisgarh Urban Body Election प्रदेश के 151 नगरीय निकायों के 2840 वार्डों में होने वाले चुनाव में प्रत्याशियों के खर्च का हिसाब रखने के लिए चार-पांच वार्डों का एक-एक क्लस्टर बनाया गया है। हर क्लस्टर में एक-एक व्यय प्रेक्षक बनाए गए हैं। मंगलवार को व्यय प्रेक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया और उन्हें बताया गया कि प्रत्याशियों के व्यय लेखा का चार-चार प्रतिवेदन राज्य निर्वाचन आयोग को देना होगा।

सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस के सभागार में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने निर्वाचन व्यय प्रेक्षकों को नियमों में संशोधन और प्रावधानों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि पहली बार नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद प्रत्याशियों के व्यय की सीमा निर्धारित कर दी गई है।

व्यय प्रेक्षकों को हर एक प्रत्याशी के व्यय पर निगरानी रखनी है और जिला निर्वाचन आयोग से तय दर के आधार पर लेखा तैयार करना है। प्रेक्षकों को व्यय लेखा का पहला प्रतिवेदन नामांकन वापसी की प्रक्रिया खत्म होने के चार दिनों के भीतर देना है।

मतदान तिथि के दो दिन पहले दूसरा, मतदान खत्म होने के बाद दूसरे दिन तीसरा और निर्वाचन परिणाम की घोषणा के एक माह के भीतर चौथा प्रतिवेदन आयोग को अनिवार्य रूप से देना है। सिंह ने प्रेक्षकों को यह भी बताया कि प्रत्याशियों को अलग से बैंक खाता खोलकर रोजाना निर्वाचन व्यय का लेखा-जोखा रखना होगा।

जिला व संभाग स्तर पर बनेगी एमसीएमसी

ठाकुर ने व्यय प्रेक्षकों को छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम (संशोधन) अध्यादेश-2019, निर्वाचन व्यय (मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समिति गठन एवं दत्त समाचार विनियमन) आदेश-2019 तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिक निर्वाचन निगम-1994 में हुए संशोधनों के बारे में बताया। मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति (एमसीएमसी) जिला और संभाग स्तर पर गठित की जाएगी।

Posted By: Hemant Upadhyay