रायपुर (टीम नईदुनिया)। Chhattisgarh: प्रदेश के आसमान में लगातार दूसरे दिन रविवार को भी बादल छाए रहे। कई जगहों पर बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। राजधानी में देर शाम मौसम का मिजाज बदला। यहां बूंदाबादी होती रही। मौसम विज्ञानियों के अनुसार हवा के कम दबाव की वजह से पूर्वी राजस्थान, उससे सटे मध्य प्रदेश से होकर पश्चिम बंगाल के उत्तरी क्षेत्रों तक एक द्रोणि‍का नौ सौ मीटर की उंचाई तक विस्तारित है।

एक द्रोणि‍का दक्षिणी कर्नाटक से विदर्भ तक विस्तारित है। उपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण्ा पूर्वी राजस्थान से पश्चिम मध्यप्रदेश तक डेढ़ किमी की उचाई मंे सक्रिय है। दूसरा चक्रवाती परिसंचरण्ा पश्चिम राजस्थान व उसके आसपास के क्षेत्र में है। द्रोणि‍का के प्रभाव से समुद्र से नम हवाएं वायुमंडल में आ रही हैं जिससे वर्षा हो रही है। राज्य के कुछ क्षेत्रों में सोमवार को भी मध्यम से भारी वर्षा की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

रविवार को दोपहर के बाद राज्य के अनेक स्थानों का मौसम बदला और बारिश होने लगी। कवर्धा के बोड़ला क्षेत्र में शाम चार बजे जमकर ओलावृष्टि हुई। चिल्फी घाटी, राजाढार रेंगाखार, झलमला क्षेत्र ओले से पट गया। प्रदेश में 40 किमी की रफ्तार हवाएं चलीं। कई शहरों में पारा 15 डिसे तक गिर गया। बीजापुर में सर्वाधिक 30.8 तथा कवर्धा में न्यूनतम 13.1 डिग्री सेंटीगे्रड तापमान दर्ज किया गया।

बस्तर संभाग के सभी जिलों के साथ ही राजनांदगांव, बेमेतरा, बिलासपुर, धमतरी सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। बस्तर संभाग के कोंडागांव में शनिवार को गाज की चपेट में आकर दो बच्चियों सहित तीन लोगों की मौत हो गई। दंतेवाड़ा में एक व्यक्ति की मौत हुई।


फसलों को नुकसान

बेमौसम वर्षा से गेहूं, चना व दलहन तिलहन की फसलों को नुकसान हुआ है। सब्जी व गन्न्े की खेती को इससे लाभ होगा। दुर्ग जिले में टमाटर की फसल खराब हो गई है। धमतरी में गेहूं व धान की फसल खेतों मेंे गिर गई है।

Posted By: Pramod Sahu

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