रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। छत्तीसगढ़ में गुजरता मानसून बीते 10 सालों में सबसे ज्यादा बरसात करवाने वाला साबित हो रहा है। एक के बाद एक सिस्टम और फिर कुछ समुद्र से लेकर वायुमंडल में कुछ ऐसे बदलाव हो रहे हैं, जो राहत देने वाले हैं और सूखे के लेकर बन रही तस्वीर को अब हरा-भरा कर रहे हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को अगले 24 घंटे के लिए यलो अलर्ट जारी किया था, जो सटीक रहा। उत्तर छत्तीसगढ़ से लेकर मध्य छत्तीसगढ़ तक ताबड़तोड़ बारिश हुई। जशपुर के लैलुंगा में 110.0 मिमी, दुलदला में 97.0 मिमी बारिश रिपोर्ट हुई। मौसम वैज्ञानी एचपी चंद्रा के मुताबिक नमी से भरी हुई दक्षिणी और पश्चिमी हवाएं इस तरह से आपस में मिल रही हैं, जो बारिश करा रही हैं, ऊपर से चक्रवात तो है ही।

हालांकि सोमवार से आसमान साफ होना तो शुरू हो जाएगा, बारिश कम होगी। रायपुर में रविवार की सुबह से धूप खिली रही, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता चला गया, काले घने बादलों ने अंधेरा ला दिया और फिर ये दोपहर तीन बजे के बाद जो बरसे तो सारी रात बरसते चले गए। अब तक प्रदेश में 1232.4 मिमी बारिश हो चुकी है। बीते सात सालों का रिकॉर्ड दो दिन पहले ही टूट चुका है।

जिलों का मौसम, बारिश

रायपुर- 32.2- 40.0

बिलासपुर- 25.5- 68.9

पेंड्रा- 24.2- 46.2

अंबिकापुर- 30.6- 37.3

जगदलपुर- 30.6- 0.0

दुर्ग- 29.6- 2.8

राजनांदगांव- 30.0- 12.6

(आंकड़े मिमी में)

धान को होगा काफी नुकसान- प्रदेश में अगर अगले तीन-चार दिन इसी रफ्तार से बारिश हुई तो यह धान के लिए काफी नुकसानदायक होगा।अर्ली वेराइटी के धान जो कम समय में पकता है, जो पककर तैयार हो चुकी है। ऐसे में अत्यधिक बारिश होने से धान में लालिमा आ जाएगी, यह पूरी तरह से पक नहीं पाएगी। सोसाइटी में अच्छे दाम नहीं मिलेंगे। बता दें कि 70 से 80 फीसद किसान अर्ली वेराइटी का धान ही बोते हैं। इसके साथ-साथ सोयाबीन, चना प्रमुख रूप से शामिल है।

पूर्वानुमान- उत्तर छत्तीसगढ़ और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। एक सिस्टम दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश और आस-पास में चक्रवाती घेरा माध्य समुद्र तल 5.8 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है। पंजाब से दक्षिण असम तक एक द्रोणिका बनी हई है, जो पश्चिम बंगाल माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी तक विस्तारित है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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