रायपुर। Chhattisgarh Weather Update: चक्रवात के असर से एक बार फिर छत्तीसगढ़ के मौसम में परिवर्तन हो रहा है वातावरण में अत्यधिक नमी के साथ धूप-छांव का खेल चल रहा है। वहीं उत्तरी छत्तीसगढ़ में शुक्रवार की रात अच्छी बारिश भी हुई। मौसम विज्ञानयों के मुताबिक एक द्राेणिका के सक्रिय होने से राज्य में बारिश के हालात बने हैं और अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई इलाकाें में बारिश की संभावना है।

मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण पार्टी उड़ीसा के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है। एक चक्रीय चक्रवाती घेरा तेलंगाना और उससे लगे विदर्भ के ऊपर 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। एक पूर्व पश्चिम विंड शियर जोन 16 डिग्री उत्तर में 3.5 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई के बीच स्थित है। एक द्रोणिका बिहार से दक्षिण अन्दरूनी उड़ीसा तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है।

मानसून द्रोणिका बरेली, फैजाबाद पटना, भागलपुर, मालदा और उसके बाद पूर्व उत्तरपूर्व की ओर असम होते हुए नागालैंडतक स्थित है। आज प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और भारी वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश में अधिकतम तापमान में गिरावट होने की संभावना है। भारी वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः बस्तर संभाग और उससे लगे जिले संभावित हैं।

बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुए चक्रवात के असर से उत्तरी छत्तीसगढ़ का मौसम बदल गया है। इसके असर से संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में शुक्रवार देर रात कुछ देर तक तेज बारिश हुई। करीब 10 मिनट के भीतर ही 15.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि बारिश का दायरा ज्यादा फैला हुआ नहीं था। कुछ इलाकों में कम बारिश हुई। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि आंध्र प्रदेश के पास बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ चक्रवात अब छत्तीसगढ़ को प्रभावित कर रहा है।

इसके असर से सरगुजा संभाग में भी अगले तीन दिनों के दौरान गरज चमक के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान स्थानीय प्रभाव से भी बारिश की संभावना जताई गई है। इस साल मानसून की अच्छी शुरुआत के बाद इस महीने सरगुजा जिले में बारिश का आंकड़ा काफी कम है। इससे अब हो रही बारिश धान की खेती के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि बारिश रुकने से धान की खेती में रोग व्याधि की भी शिकायत सामने आ रही है ऐसे में अगले तीन दिनों के भीतर हल्की बारिश भी यदि होती है तो वह खेती के लिए लाभप्रद साबित होगी।

Posted By: Himanshu Sharma

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020