Chhattisgarh Politics : रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार को आधी रात बाद दिल्ली से लौट आए है। उनके साथ विशेष विमान से विनोद वर्मा और गिरीश देवांगन भी लौटे। इसके बाद राज्यसभा के लिए उम्मीदवरी को लेकर तरह-तरह की अटकलों का दौर शुरू हो गया है। गौरतलब है कि भूपेश बघेल पार्टी की बैठक में शामिल होने के लिए बुधवार को दिल्ली गए थे। जहां पार्टी हाईकमान के साथ बैठक में राज्यसभा के लिए नाम को लेकर चर्चा होने और उम्मीदवारी को अंतिम रूप दिए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि राज्यसभा चुनाव के लिए विनोद वर्मा का नाम लगभग तय हो गया है। हालांकि यह अभी तक अटकलों में ही है। ओबीसी वर्ग से राज्यसभा सदस्य के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवारों में प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री गिरीश देवांगन और सीएम सलाहकार विनोद वर्मा का नाम लिया जा रहा है। दोनों ही मुख्यमंत्री के खास माने जाते हैं।

ऐसे में इन्हें दिल्ली की राजनीति में सक्रिय करने राज्यसभा की उम्मीदवारी तय की जा सकती है। इन दोनों में से विनोद वर्मा का नाम लगभग तय बताया जा रहा है। हालांकि इस पर अभी तक किसी प्रकार की अधिकारिक घोषणा अथवा संकेत नहीं मिले हैं। न ही भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया मिल पाई है।

संभावित उम्मीदवारों विनोद वर्मा और गिरीश देवांगन ने भी इस पर कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन पार्टी के ही सूत्र बताते हैं कि सबसे योग्य व्यक्ति को राज्यसभा में भेजने और इसमें जातीय समीकरणों को ध्यान में रखने की बारी आई तो फिर विनोद वर्मा इस क्रम सबसे आगे होंगे। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा के दो सीट रिक्त हो रहे हैं। विधायकों की संख्या बल के आधार पर कांग्रेस से ही राज्यसभा सांसद चुना जाना भी तय माना जा रहा है।

Posted By: Anandram Sahu