रायपुर। किसानों की कर्जमाफी पर विपक्ष ने सियासत को गरमा दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि किसानों की कर्जमाफी एक बार होगी। यह तो सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था। इस पर नेता-प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा है कि किसानों से ऐसी ठगी आज तक नहीं हुई है। सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। वहीं, कांग्रेस ने भी कौशिक के बयान पर पलटवार किया है। मंगलवार को झारखंड रवाना होने से पहले एयरपोर्ट में मुख्यमंत्री बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि किसानों को फसल का सही मूल्य देकर इस योग्य बना दिया है कि अब उन्हें खेती के लिए कर्ज लेने की जस्र्रत नहीं है।

बघेल ने कहा कि उनकी सरकार ने कर्जमाफी के समय ही स्पष्ट कर दिया था कि किसानों का कर्ज सरकार केवल एक बार भरेगी। मुख्यमंत्री के बयान पर नेता-प्रतिपक्ष ने कहा है कि किसानों की कर्जमाफी से मुकर जाना, ऐतिहासिक धोखाधड़ी है।

न राष्ट्रीयकृत बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थानों से लिए अल्पकालीन कर्ज माफ हुए हैं और न ही अन्य कृषि ऋण को माफ किया गया है। किसानों को बैंकों का नोटिस मिल रहा है। किसानों को दो वर्ष का बकाया बोनस देने की भी कोई सुगबुगाहट नहीं है। बिजली बिल भी माफ नहीं किया। कौशिक का कहना है कि कांग्रेसियों ने हाथ में गंगाजल लेकर वादों को पूरा करने की कसम खाई थी, उसके बाद मुकर जाना आश्चर्यजनक है।

कांग्रेस का दावा, किसान खुशहाल हुए, खेती की तरफ लौट रहे

कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी का दावा है कि मौजूदा सरकार ने किसानों का कर्जमाफ किया और धान की खरीदी 25 सौ स्र्पये में की, जिससे किसान खुशहाल हैं। अब किसान इस योग्य हो गए हैं कि वे बिना कर्ज के खेती कर सकते हैं, इसलिए खेती की तरफ लौट रहे हैं।

त्रिवेदी का कहना है कि कांग्रेस ने जो वादा किया, उसे पूरा किया है, भाजपा की तरह छल या वादाखिलाफी नहीं की। भाजपा ने वादे के मुताबिक न स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू किया, न ही किसानों को लागत मूल्य पर 50 फीसद लाभ दिया। इस कारण किसान कर्ज के बोझ में दबते चले गए। आत्महत्या के लिए मजबूत हो गए थे। त्रिवेदी का कहना है कि वन टाइम सेटलमेंट में कांग्रेस ने एक झटके में किसानों को कर्ज के बोझ से बाहर निकाल दिया है।

Posted By: Sandeep Chourey