रायपुर। मुख्‍यमंत्री भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दूसरे चरण के तहत बीजापुर पहुंचे सीएम भूपेश बघेल मीडिया से बातचीत में नक्‍सली समस्‍या को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्‍होंने कहा, मैं यह नहीं कहता हूं कि नक्सलवाद पूरी तरह से ख़त्म हो गया। लोग पहले यहां आतंक के साये में जी रहे थे। यह धरती खून से रंग भी गई थी। लेकिन, बहुत से इलाके ऐसे हैं, जो नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकल गए हैं। लोग अब सामान्य जीवन व्यतीत करने लग गए हैं।

इससे पहले नक्‍सलियों के साथ बातचीत पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि मैं हिंदुस्तान में रहता हूं। संघीय गणराज्य होने के नाते एक संवैधानिक पद पर बैठा हूं। यहां के संविधान पर पूरा विश्वास रखता हूं। नक्सली भी संविधान पर विश्वास रखेंगे तो जहां बुलाएंगे, वहां आकर वार्ता करूंगा। उनके लिए चर्चा के द्वार खुले हैं, लेकिन जो कुछ भी होगा, संविधान के अंतर्गत ही होगा। देश के संविधान को हर नागरिक को मानना होगा।

भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दूसरे चरण में सुकमा से बीजापुर रवाना होने से पहले सीएम बघेल मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद बस्तर में हालात बदले हैं। पहले जो भय और आतंक का माहौल था, वो खत्म हुआ है। जिस वातावरण की बात नक्सली कर रहे हैं, वो हमने बना दिया है। जल, जंगल और जमीन की मांग पर सरकार काम कर रही है। वनांचल में रहने वाले आदिवासियों के लिए सरकार जंगल का अधिकार दे रही है। पिछले तीन वर्षों में सुकमा की तस्वीर बदली है। अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा बल के कैंप के साथ-साथ सड़कें पहुंच रही हैं। बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों का विश्वास सरकार के प्रति बढ़ा है। आने वाले दिनों में यहां डाक्टर भेजे जाएंगे। उनके रहने के लिए आवास बनाएं जाएंगे। जल संसाधन विभाग में अधिकारियों को पदस्थ किया जाएगा।

पेसा कानून से घबराने की जरूरत नहीं

सीएम बघेल ने कहा कि पेसा कानून प्रदेश में लागू है, लेकिन उसमें बेहतर नियम बनाने की जरूरत है। पेसा को लेकर अच्छे नियम बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इस कानून से किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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