रायपुर। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाए जाने को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी राय रखी। उन्होने कहा कि, यह भाजपा के घोषणा पत्र में था, लेकिन एक राज्य को समाप्त कर दिया गया, जो गलत है। आज वहां डर का माहौल है, जिसे दूर करने की जरूरत है। इसमें कोई परिवर्तन ला सकता है तो केवल युवा। देश में दूसरी राजनीतिक शक्तियों के द्वारा पं. नेहरू को अपमानित किया जा रहा है। यह एक तरह का षणयंत्र है। गांधी और आधुनिक भारत विषय पर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय सेमीनार के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह बातें कहीं।

उन्होंने आगे कहा कि, छत्तीसगढ़ में ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी का कोई असर नहीं है। यहां इस सेक्टर में करीब 25 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। जबकि पूरे देश में इस सेक्टर में मंदी की स्थिति है। इसका कारण है कि यहां किसानों और गरीब व मध्यमवर्ग के लोगों में आर्थिक समृद्धी आई है। हम गांधी जी की विचार धारा का अनुसरण करते हुए आर्थिक विकास के मॉडल पर काम कर रहे हैं। गांधी जी के विचार आजादी के वक्त से लेकर आज तक प्रासंगिक हैं और हमेशा रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपूर्वानंद जी के भाषण के बाद और अन्य साथियों के बाद मुझे मौका मिला है। अब ज्यादा कुछ कहने को नहीं, लेकिन उनके जीवित रहते समय बहुत कुछ लिखा गया और मरने के बाद भी। उनके उत्तराधिकारी नेहरू और सरदार पटेल थे। कानून के प्रेरक आम्बेडकर और राजनीतिक गुरु विनोबा भावे थे। गांधी जी थे जिन्होने सत्यग्रह का मार्ग बताता। विश्व के इतिहास में पहला प्रयोग था। बिना अस्त्र और औजार के साथ लड़ा गया। अहिंसा से ही इस लड़ाई को जीता, लेकिन अब समाज में हिंसा सोच पनप रही है।

इस पर गंभीरता से विचार करना होगा। क्योंकि ये गांधी का भारत है। उन्होंने किसान की उन्नति की बात की थी। उनकी सोच में ईमानदारी थी। आज लोग निर्भिक नहीं है, डरे हुए हैं। धर्म के नाम पर हिंसा की स्थिति पैदा हो रही है। हर कोई असुरक्षित महसूस कर रहा है। आदिवासी पुलिस और नक्सलियों दोनों से डरे हुए हैं। आज हिन्दुस्तान में धर्म के नाम पर लोगों को लड़ाया जा रहा है। आज बहुत से गांधी वादी विचारक हैं, लेकिन उनके रास्ते पर कोई चल नहीं पा रहा है।

गांधी ने इस देश को जोड़ने का काम किया। लेकिन कुछ लोग नहीं चाहते कि सब लोग एक साथ रहें। पत्रकारों और लेखकों की कलम को रोका जा रहा है। पहले हम अंग्रेजों के गुलाम थे और अब देश के ही कुछ लोगों ने विचारधारा को गुलाम बना दिया है। आज कुछ नेताओं के बारे में बोलो तो आप धर्म विरोधी कहे जाते हैं। अब हिंदुस्तान में सच को सच कहने की ताकत नहीं है। गांधी के विचारों को आगे बढ़ना है तो जो गलत हो रहा है उसका विरोध करने की ताकत होनी चाहिए।

Posted By: Nai Dunia News Network