रायपुर (राज्य ब्यूरो)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के नवनिर्मित भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया। यह कार्यालय राजधानी रायपुर के मौलश्री विहार कालोनी में बना है। कार्यक्रम स्थल पर रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस शरद कुमार गुप्ता ने नवनिर्मित भवन का फीता काटा।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि रियल स्टेट के कारोबार में एक तरफ आम उपभोक्ता होता है, तो दूसरी तरफ बिल्डर और कालोनाइजर होते हैं। दोनों के अपने-अपने हित होते हैं। दोनों के हितों का संरक्षण शासन का दायित्व है। रियल स्टेट के कारोबार में जितनी अधिक पारदर्शिता होगी और जितने कम विवाद होंगे, यह सेक्टर उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान तमाम तरह की चुनौतियों के बावजूद छत्तीसगढ़ के हर सेक्टर में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। इनमें रियल इस्टेट सेक्टर भी शामिल है।

जस्टिस गुप्ता ने कहा कि रियल इस्टेट ट्रिब्यूनल का महत्व इसी से समझा जा सकता है कि इसके अध्यक्ष उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ही हो सकते हैं। यह ट्रिब्यूनल रेरा या एडजुडिकेटिंग अथारिटी के आदेश की वैधानिकता की जांच का महत्वपूर्ण फोरम है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत व अन्य जनप्रतिनिधि और कार्यक्रम स्थल पर लोक आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति टीपी शर्मा, वाणिज्यिक कर अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आरपी शर्मा, राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य एनसी सांखला, महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा, राज्य उपभोक्ता प्रतितोष आयोग की रजिस्ट्रार उदय लक्ष्मी परमार, विधि विभाग के प्रमुख सचिव आरके तिवारी और मुख्यमंत्री के सचिव डा. एस. भारतीदासन भी उपस्थित थे।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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