रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छग स्टेट पावर कंपनी में कार्यरत संविदा विद्युत कर्मियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन को तीन महीनों से ऊपर हो गया है। 18 फरवरी से कार्य बहिष्कार, उसके बाद 71 दिन का बूढ़ातालाब के सामने धरनास्थल में विशाल संघर्ष के बाद आखिरकार बुधवार को कंपनी प्रबंधन के साथ चर्चा और मांगों पर ठोस आश्वासन मिलने के बाद संविदा कर्मचारी संघ का आंदोलन 93 दिन बाद समाप्त हो गया है।

जानकारी के मुताबिक संघ के शीर्ष प्रतिनिधियों का वितरण कंपनी के प्रमुख अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता में संघ के प्रमुख मांगों के साथ कुछ त्वरित मांगों पर ठोस आश्वासन मिला। इसके बाद संघ ने अपने तीन महीनों से चले आ रहे आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की। संघ के पदाधिकारियों के साथ चर्चा में वितरण कंपनी के प्रमुख नव नियुक्त मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार खरे, एचआर आरके पाठक, ईडी भीम सिंह कंवर आदि शामिल थे।

संघ के महामंत्री उमेश पटेल ने बताया कि लंबे समय से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने की कोशिश की गई, किंतु मुलाकात नहीं हो पाई। आखिरकार बिजली कंपनी प्रबंधन के साथ चर्चा कर आंदोलन को ठोस आश्वासन मिलने पर समाप्त किया गया। महामंत्री ने उम्मीद जताया है कि जल्द ही विद्युत संविदा कर्मियों का नियमितीकरण और दिवंगत परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति भी दिया जाएगा, जिस तरह से स्व. राम पटेल के स्वजनों को दिया गया था।

इन मांगों मिली सहमति

संविदा विद्युत कर्मियों का नियमितीकरण करने जल्द पहल करने के साथ ही अनुकंपा नियुक्ति के लिए निर्णय लेकर कार्रवाई किया जाएगा। एकमुश्त मानदेय में मंगाई भत्ता और आवासीय भत्ता दिया जाएगा। संविदा कर्मियों का दुर्घटना में निधन होने पर 15 लाख का उचित मुवावजा राशि दिया जाएगा। दुर्घटना होने पर चिकित्सा लाभ भी दिया जाएगा। हड़ताल दिवस का वेतन दिया जाएगा।

21 लोगों की बर्खास्तगी रद

बैठक में 21 संविदा कर्मियों की कंपनी की ओर से बर्खास्तगी का आदेश जारी होने के संबंध चर्चा की गई। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बर्खास्तगी आदेश रद करने के साथ ही सभी को निश्शर्त कार्य में लेने का फैसला लिया।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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