रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्‍तीसगढ़ के मेडिकल कालेजों में चिकित्सा सेवाओं को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर चिकित्सा शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। उसने सभी शासकीय मेडिकल कालेजों से विभागवार चिकित्सकों की ओपीडी, सर्जरी व काम की रिपोर्ट मांगी है। इसे देने में अब मेडिकल कालेजों का पसीना छूट रहा है।

दरअसल रायपुर के आंबेडकर अस्पताल, डीकेएस सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल अन्य शासकीय मेडिकल कालेज अस्पतालों में डाक्टरों के ड्यूटी से नदारद रहने, प्राइवेट प्रैक्टिस और लामा (मरीजों की चिकित्सकीय के सलाह बिना छुट्टी) बनाकर भेजे जाने की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसी स्थिति में गरीब मरीजों को सही इलाज ही नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक ने सभी मेडिकल कालेजों से विभागवार चिकित्सकों की ओपीडी, छोटी-बड़ी सर्जरी की रिपोर्ट मांग ली है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल कालेजों में चिकित्सा सेवाओें को लेकर शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

बनाएंगे मानिटरिंग सेल

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने माना है कि मेडिकल कालेज में काम करने वाले कई चिकित्सक ड्यूटी के समय पर निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। वहीं लामा बनाकर सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर कराया जा रहा है। अव्यवस्था पर हाल ही में डीकेएस अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग समेत अन्य विभागों के चिकित्सकों को कार्यप्रणाली सुधारने नोटिस भी दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग समस्या को देखते हुए मेडिकल कालेजों में चिकित्सकीय कामकाज व इलाज को लेकर मानिटरिंग सेल बनाने की तैयारी है।

चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डा. विष्णु दत्त ने कहा, मेडिकल कालेज अस्पतालों ने चिकित्सकों के ड्यूटी से गायब रहने, लामा जैसी शिकायतें बढ़ती जा रही है। हमने मेडिकल कालेजों से सभी डाक्टरों के काम की रिपोर्ट मांगी है। जल्द ही इसके लिए मानिटरिंग सेल बनाएंगे, ताकि चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त कर ऐसी शिकायतों पर लगाम लगा सकें।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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