रायपुर । निप्र

डेढ़ साल से प्रति माह सामाजिक सरोकार से जुड़ी फिल्मों का प्रदर्शन राजधानी में किया जा रहा है। सरोकार का सिनेमा श्रृंखला के तहत रविवार को 20वीं फिल्म दिखाई गई। हिन्दी सिनेमा की दो महान हस्तियों राजकपूर और दिलीप कुमार के अभिनय से सजी फिल्म 'अंदाज' का संस्कृति सभागार में निःशुल्क प्रदर्शन किया गया। यही एकमात्र फिल्म है, जिसमें दोनों कलाकारों ने एक साथ अभिनय किया था।

फिल्म में नीना (नर्गिस दत्त) अमीर घराने की है और उसका रहन-सहन का अंदाज ही अलग है। एक दिन नीना घुड़सवारी कर रही थी। घोड़ा बेकाबू हो गया तो दिलीप (दिलीप कुमार) उसे बचाता है। इस अहसान का कर्ज अदा करने के लिए दिलीप को नीना अपन घर बुलाती है और उसकी आवाज की दीवानी हो जाती है। वह दिलीप को अपना दोस्त मानने लगती है। उसके पिता (मुराद) को नीना का अजनबी युवक को दोस्त बनाने का अंदाज पसंद नहीं आता। वह नीना को चेतावनी देता है। नीना नहीं समझती और अपने पिता की मौत के बाद दिलीप को आधी जमीन का हिस्सेदार बना देती है। दिलीप, नीना की दोस्ती को प्यार समझने लगता है।

कहानी में मोड़ तब आता है जब नीना का प्यार राजन (राजकपूर) विदेश से पढ़ाई कर वापस आता है। नीना और राजन शादी कर लेते हैं। उन दोनों का प्यार देखकर दिलीप को झटका लगता है और एक दिन वह नीना को सब बता देता है। नीना को दिलीप की कही बात बुरी लगती है, क्योंकि उसने सिर्फ राजन को अपना प्यार और भगवान माना है। नीना और राजन को बेटी होती है। एक दिन गलती से राजन को दिलीप समझकर नीना बात करती है। अब राजन को नीना पर शक हो जाता है। यह शक नीना, राजन और दिलीप के रिश्तों में कड़वाहट ला देता है। फिल्म का अंत दुखदाई होता है।

सरोकार के सिनेमा के आयोजक जीवेश चौबे ने बताया कि 1949 में आई फिल्म अंदाज को महबूब खान ने निर्देशित किया था। नर्गिस की सादगी, राजकपूर के नटखटपन और दिलीप कुमार की संजीदगी को पेश करती फिल्म का संगीत नौशाद ने दिया। इसमें लता मंगेशकर और मुकेश के गीतों ने धूम मचाई थी।

11 दिसंबर, श्रवण शर्मा, 04- संतोष

समय - 7.00 बजे