रायपुर। राज्य ब्यूरो। छत्‍तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो पदयात्रा की तर्ज पर राज्य में भी दो अक्टूबर से हर विकासखंड में पदयात्रा शुरू की है। इसमें शामिल कांग्रेस नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता जब गांवों में पहुंच रहे हैं तो स्थानीय विधायकों की सक्रियता की पोल खुल रही है। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि विधायक आते ही नहीं हैं। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं शिकायतों की मानें तो कई विधायक तो पिछले चार वर्षों में एक बार भी गांवों तक नहीं पहुंचे हैं। अब प्रदेश संगठन इन शिकायतों की एक रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इसे संगठन की मासिक बैठक में रखने की तैयारी है।

प्रदेश के अंदरुनी इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं पहुंच रहे विधायक

पिछले विधानसभा चुनाव में शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण में कांग्रेस प्रत्याशियों को बड़ी जीत मिली थी। ऐसे में विधायकों की सक्रियता नहीं होने पर संगठन के कान खड़े हो गए हैं। विधायकों की सक्रियता को लेकर सरकार ने भी सर्वे कराया था। इसमें विधायकों को रेड, ग्रीन और यलो श्रेणी में रखा था। करीब 20 विधायक रेड श्रेणी में आए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधायकों के साथबैठक लेकर कार्यप्रणाली सुधारने की चेतावनी दी थी। सरकार के तीन सर्वे में जिन विधायकों को रेड श्रेणी में रखा गया है, उनका टिकट कटना तय माना जा रहा है। रायपुर केभी दो कांग्रेस विधायक रेड श्रेणी में है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने रायपुर की चार विधानसभा सीट में से तीन पर जीत दर्ज की थी।

राज्य सरकार की योजनाओं का मिल रहा फीडबैक, सुधार के मिले सुझाव

कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो मैदानी इलाकों के गांवों में स्थिति खराब है। यहां विधायकों और उनके प्रतिनिधियों के नहीं पहुंचने के कारण सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का भी लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस नेता पदयात्रा के दौरान सरकार की योजनाओं का फीडबैक भी ले रहे हैं।

भाजपा की जमीन तलाशने उतरे संघ के स्वयंसेवक

विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक भी प्रदेश की राजनीतिक नब्ज टटोलने के लिए मैदान में उतरने है। संघ ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच से आठ स्वयंसेवकों को उतारा है। वे राज्य सरकार की योजनाओं की सफलता और असफलता की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। साथ ही चुनाव के समय किन-किन मुद्दों से जनता नाराज है, उसकी भी सूची तैयार कर रहे हैं। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बताया कि बस्तर और सरगुजा में भाजपा की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। बिलासपुर संभाग में स्थिति बेहतर है, लेकिन रायपुर और दुर्ग संभाग में अब भी स्थानीय स्तर पर सक्रियता नहीं आ पाई है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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