रायपुर। मतगणना से पहले ही कांग्रेस ने अपना कंट्रोल रूम फिर से शुरू कर दिया है। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में दो टीम बैठा दी गई है, जो मतगणना के दौरान भी हर जिले से लगातार रिपोर्ट लेगी।

मतगणना के एक दिन पहले बुधवार को प्रदेश कार्यालय में चहल-पहल दिखी। पार्टी के प्रवक्ता एक तरफ ईवीएम और एक्जिट पोल के खिलाफ बयानबाजी करते रहे, तो दूसरी तरफ केंद्र में यूपीए की सरकार बनने और छत्तीसगढ़ में सभी 11 सीटों पर जीत का दावा भी करते दिखे।

बुधवार को राजीव भवन के कंट्रोल रूम में एक तरफ पार्टी पदाधिकारियों की टीम नजर आई, जो कि जिलाध्यक्षों से मतगणना के पहले की तैयारी की रिपोर्ट लेती रही। कंट्रोल रूम के हर सदस्य के लिए अलग-अलग टेलीफोन की व्यवस्था की गई है। मतगणना अभिकर्ताओं के प्रशिक्षण के बारे में पूछा।

जिलाध्यक्षों और प्रत्याशियों को ताकीद करते रहे कि उनकी जिम्मेदारी है, पार्टी के सभी मतगणना अभिकर्ता डाक मतपत्र की गिनती शुरू होने से पहले काउंटिंग सेंटर पहुंच जाएं। जिला अध्यक्ष और प्रत्याशियों से यह भी कहा गया है कि वे ऐसे सक्रिय लोगों की ड्यूटी लगाएं, जो कंट्रोल रूम में चरणबद्ध गणना की रिपोर्ट देते रहें। राजीव भवन में ही दूसरी टीम लीगल सेल की बैठाई गई है।

इस सेल के लोग अपने जिले के पदाधिकारियों के संपर्क में रहेंगे। यह व्यवस्था इसलिए की गई है, ताकि मतगणना के दौरान कोई गड़बड़ी या विवाद की स्थिति बनती है, तो तत्काल कानूनी सलाह दी जा सके। लीगल सेल ने हर मतगणना केंद्र में अपने एक-एक सदस्य को गणना अभिकर्ता भी बनवाया है, जो राजीव भवन को रिपोर्ट करेंगे।

प्रदेश कार्यालय में होता रहा गुणा-भाग

एक्जिट पोल को लेकर कांग्रेस चिंतित है, लेकिन पार्टी का हर नेता और कार्यकर्ता यही दावा कर रही है कि विधानसभा चुनाव की तरह लोकसभा चुनाव में भी एक्जिट पोल फेल होंगे। बुधवार को प्रदेश कार्यालय में पार्टी के नेता, प्रवक्ता और पदाधिकारियों की वजह से हलचल देखने को मिली।

ज्यादातर लोग अलग-अलग कक्ष या समूह में बैठक संभावित नतीजे का आकलन करते दिखे। बाकायदा एक-एक लोकसभा सीट का विधानसभा क्षेत्रवार गुणा-भाग किया जा रहा था। कोई किसी सीट पर कांग्रेस की जीत का दावा कर रहा था, तो किसी और सीट पर कांग्रेस को मजबूत बता रहा था। पार्टी के भीतर चल रही अटकलों और संभावनाओं को देखा जाए, तो ज्यादातर लोग नौ सीट पर जीत का दावा कर रहे हैं।

वॉकी टॉकी लेकर घूम रहे कंट्रोल रूम के सदस्य

कंट्रोल रूम में 11 लोकसभा क्षेत्र के लिए 11 पदाधिकारियों को बैठाया गया है। इन सभी को वॉकी टॉकी दिया गया है, जिसे वे अपने साथ लेकर घूमते हैं, ताकि उनसे संबंधित लोकसभा क्षेत्र की सूचना चौबीस घंटे ली और प्रेषित की जा सके। हर जिले के एक-एक पदाधिकारी को भी वॉकी-टॉकी दिया गया है, जिससे रिपोर्ट ली जा रही है। कंट्रोल के सदस्यों ने बताया कि वॉकी टॉकी से बात करने पर टेपिंग का डर नहीं रहता है।