रायपुर। रेड कारपेट और उस पर चलने का अहसास कैसा होता है...15 वर्ष के वनवास में छत्तीसगढ़ के ज्यादातर कांग्रेसी यह भूल चुके थे। कई कांग्रेसी ऐसे भी हैं जब से सियासत में सक्रिय हुए हैं तब से उनकी पार्टी सत्ता से बाहर रही है। सत्ता में वापसी होते ही उनमें से ज्यादातर को इसका आभास हो गया है।

अब तक वे विरोधी पार्टी के नेताओं को सुरक्षा और पायलट- फालो गाड़ियों के घेरे में सड़क पर हवा से बात करते देखे थे। आज उन्होंने अपने नेताओं की गाड़ियों को उसी अंदाज में फर्राटे भरते देखा।


आवभगत में लगे अफसर

भारी बहुमत के साथ सत्ता में पहुंची कांग्रेस की सरकार सोमवार से काम करना शुरू कर देगी। सोमवार को सीएम के नाम की घोषणा होते ही राज्य के आला प्रशासनिक अफसरों का कांग्रेस दरबार में तांता लग गया। बधाई देने के साथ ही अफसर सरकार के गठन समेत मंत्रालय आदि की व्यवस्था को लेकर चर्चा करते नजर आए।


नाम का एलान होते ही पहुंची बुलेट प्रूफ गाड़ी

कांग्रेस भवन से जैसे ही नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा हुई मुख्यमंत्री की वीआइपी गाड़ियों का काफिला भी वहां पहुंच गया। भावी मुख्यमंत्री व उनके साथी उन्हीं वाहनों में बैठकर राजभवन गए।