रायपुर। नईदुनिया, राज्य ब्यूरो। छत्तीसगढ़ के सभी शैक्षणिक संस्थाओं में अब हर सोमवार को प्रार्थना सभा के बाद संविधान से संबंधित विभिन्न् विषयों पर चर्चा की जाएगी। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए।

प्रदेश के सभी संभाग के आयुक्त और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए निर्देश में स्कूलों और कालेजों में संविधान के अलग-अलग भाग पर चर्चा के लिए समय भी तय कर दिया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि माह के प्रथम सप्ताह में संविधान की प्रस्तावना पर चर्चा होगी। दूसरे सप्ताह में संविधान में उल्लेखित मौलिक अधिकार, तीसरे सप्ताह में मौलिक कर्तव्य और चौथे सप्ताह में राज्य के नीति निदेशक तत्व पर चर्चा आयोजित की जाएगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन संविधान दिवस के अवसर पर यह घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि प्रदेश के शैक्षणिक संस्थाओं में छात्र-छात्राओं को संविधान की जानकारी देने के लिए प्रत्येक सोमवार को कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे युवाओं को संविधान के बारे में जानकारी मिलेगी।

जो संविधान हमारी रक्षा करता है, उसे बचाना जिम्मेदारी : बघेल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गंभीर विमर्श के साथ संविधान बना है। इसकी रक्षा करना हिंदुस्तान के लोगों की जिम्मेदारी है। बहुत सी संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट किया जा रहा है। लोगों से उनका अधिकार छीना जा रहा है। जो संविान हमारी रक्षा करता है, उसे बचाने की भी जिम्मेदारी हमारी है। हर नागरिक को संविधान के बारे में जानना चाहिए। संविधान इस देश में सर्वोपरि है। वर्षों बहस कर 300 से अधिक लोगों ने मिलकर इस संविधान को बनाया है।

Posted By: Hemant Upadhyay

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