रायपुर। अयोध्या में बावरी मस्जिद के विध्वंस के दौरान प्रदेश के सैकड़ों लोगों ने कारसेवा की थी। अब श्रीराम मंदिर का निर्माण शुरू होने के बाद प्रदेश के हजारों लोगों में उत्साह का माहौल है। मंदिर निर्माण को देखने के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लोग पहुंच रहे हैं। साथ ही मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद अपने करीबी लोगों का जत्था लेकर भगवान श्रीराम के दर्शन की तैयारी भी रहे हैं। मंदिर निर्माण आंदोलन के दौरान युवाओं से लेकर बुजुर्गों ने सक्रिय योगदान दिया था। बालोद के भाजपा नेता यशवंत जैन ने कारसेवा के दौरान ईंट की ढुलाई की थी। रायपुर के भाजपा से जुड़े उपासने परिवार ने एक महीने रुककर अयोध्या में पदयात्रा कर लोगों को जागरूक किया था। बता दें कि प्रदेश से मंदिर निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपये की राशि जमा कराई गई है।

यशवंत जैन ने बताया कि श्रीराम मंदिर निर्माण का उनका और उनके जैसे लाखों लोगों का सपना था। कारसेवा के समय वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े थे। युवाओं की टोली लेकर गए और वहां श्रमदान किया। अब एक ही सपना बचा है कि मंदिर का भव्य निर्माण पूरा हो और हम लोग परिवार और साथियों के साथ दर्शन करने को पहुंचें। भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने कारसेवा के दिनों को याद करते हुए कहते हैं कि मंदिर निर्माण के लिए प्रदेश के कई लोगों ने श्रम और पैसे से मदद की है। प्रदेश के लोगों को जागरूक करने के लिए उनकी टीम गांव-गांव का दौरा करती थी। उस समय भी छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखने वालों की कमी नहीं थी। उपासने ने कहा कि मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद वह अपनी मां और परिवार के सदस्यों के साथ अयोध्या भी गए थे। सच्चिदानंद उपासने की माता रजनी उपासने विधायक चुनी गई थीं।

भाजपा-कांग्रेस नेताओं ने मंदिर निर्माण में किया है सहयोग

प्रदेश में मंदिर निर्माण को लेकर लोगों ने राजनीतिक दल के बंधन को भी तोड़ दिया है। मंदिर ट्रस्ट की तरफ से जनवरी 2021 में राशि संग्रहण का कार्य शुरू किया था। इसमें डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध बंलेश्वरी मंदिर ट्रस्ट ने 11 लाख, आरएसएस के प्रांत प्रमुख डा. पूर्णेंदु सक्सेना ने 11 लाख, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने पांच लाख, कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल ने एक लाख 11 हजार 111 रुपये, शदाणी दरबार ने एक लाख और रावतपुरा सरकार आश्रम की ओर से एक लाख रुपये की राशि मंदिर निर्माण के लिए दी गई थी।

1989 में लोगों ने मंदिर निर्माण में सहयोग का लिया था संकल्प

छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पत्र लिखकर यह पूछा था कि निधि संग्रह अभियान के लिए किसे अधिकृत किया है। इस पर ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने कहा था कि विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे जुड़े समविचारी संगठनों को छोड़कर अन्य किसी संस्था को राम मंदिर निर्माण के लिए निधि संग्रह के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। 1989 में देश के तीन लाख गांवों में रामशिला पूजन हुआ था। उस समय लोगों ने मंदिर निर्माण में सहयोग का संकल्प लिया था।

Posted By: Vinita Sinha

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