रायपुर। बैंक ग्राहकों को बेहतर सेवा देने की बात करते हैं, लेकिन एटीएम से पैसे निकले बिना खाते से पैसा कटने के कारण खाताधारकों को भटकना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला रायपुर जिला उपभोक्ता फोरम में पहुंचा जिस पर फोरम ने मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय समेत 15 हजार रुपये लौटाने का आदेश दिया है।

प्रकरण के अनुसार रायपुर निवासी डॉ. राजकुमार राजमणी का भारतीय स्टेट बैंक की कचहरी शाखा में सैलरी अकाउंट है। राजकुमार पैसे निकालने के लिए एटीएम गये। प्रक्रिया पूरी की, लेकिन पैसे नहीं निकले। दूसरे एटीएम से उन्होंने 20 हजार रुपये निकाले।

जब घर पहुंचकर उन्होंने मोबाइस में मैसेज देखा तो 10 हजार और 20 हजार रुपये डेबिट होने के मैसेज थे। इस पर उन्होंने कॉल सेंटर को फोन कर सूचना दी। फिर बैंक पहुंचे और बताया कि 10 हजार रुपये नहीं निकले, लिखित शिकायत की, लेकिन बैंक ने उसे यह कहकर चलता कर दिया कि ट्रांजेक्शन किया गया है।

जिला उपभोक्ता फोरम पहुंचा

बैंक की बेरुखी को देख डॉ. राजकुमार ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। फोरम अध्यक्ष उत्तरा कुमार कश्यप, सदस्य प्रिया अग्रवाल ने प्रकरण की जांच के बाद निष्कर्ष दिया कि परिवादी ने तत्काल अनावेदक के कॉल सेंटर के नंबर पर उक्त प्रकरण की सूचना दी थी।

फिर बैंक को लिखित शिकायत की फिर भी बैंक ने राहत देने के बजाय चक्कर लगवाए। परिवादी को एटीएम मशीन के उपयोग से हुई क्षति पर कोई कार्यवाही न कर उसने सेवा में कमी की। इसलिए बैंक परिवादी को अप्राप्त 10 हजार रुपये 9 फीसद ब्याज के साथ अदा करे। मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 3000 और वाद व्यय के रूप में 2000 रुपये भी उसे देना होगा।

और भी कई समस्याएं

एटीएम से पैसे निकले बिना खाते से पैसा कटना के अलावा ट्रांजेक्शन की एसएमएस से जानकारी नहीं मिलने, ऑनलाइन राशि ट्रांसफर होने के बाद भी खाते में शो नहीं करने संबंधी शिकायतें बैंक के ग्राहकों को होती है। इसके लिए खाता धारकों को जागरूक रहना होगा।

इसका रखें ध्यान

-इस तरह के प्रकरणों में ग्राहकों को तुरंत संबंधित बैंक को सूचना देनी चाहिए।

-खाते की पूरी जानकारी बैंक मैनेजर को दें।

-बैंक में लिखित शिकायत करें, इसकी एक प्रति स्वयं के पास रखें।

-समस्या हल नहीं होने पर रायपुर जिला उपभोक्ता फोरम में पूरे कागजात के साथ प्रकरण दर्ज कराएं।