रायपुर। इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बेच रही कंपनियां विज्ञापन दिखाकर ग्राहकों को लुभा तो लेती हैं, लेकिन सेवा देने के नाम पर ग्राहकों को चक्कर लगवाती रहती हैं। इसी तरह का एक प्रकरण रायपुर जिला उपभोक्ता फोरम में दर्ज हुआ। पचपेड़ीनाका, रायपुर निवासी राजेश कुमार वर्मा ने कटोरा तालाब स्थित श्रीबालाजी कम्युनिकेशन (अनावेदक) से 25 मई 2015 को एक स्टीरियो हेड फोन 450 रुपये में खरीदा, जिसमें छह माह में ही तकनीकी खामी आ गई।

परिवादी राजेश ने संबंधित दुकानदार से इसकी शिकायत की, जिस पर दुकानदार ने सिविल लाइन स्थित सैमसंग सर्विस सेंटर (दूसरे अनावेदक) में दिखाने कहा। सर्विस सेंटर में जाब कार्ड बनाकर एक हफ्ते बाद आने को कहा गया, बावजूद यहां भी हेड फोन में सुधार नहीं हुआ।

परिवादी फिर दुकानदार के पास गया और फोन में सुधार नहीं होने की जानकारी दी। इस पर दुकानदार ने कहा अभी नया स्टॉक नहीं आया है, जैसे ही आएगा आपको कॉल कर बताउंगा।

परिवादी ने कई बार दुकानदार से संपर्क किया लेकिन दुकानदार ने स्टॉक नहीं आने की ही बात कही। इस तरह से हर बार दुकानदार द्वारा सिर्फ झूठा आश्वासन ही दिया गया। वहीं तीसरे अनावेदक (सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रानिक्स कंपनी गुड़गांव हरियाणा) द्वारा फीडबैक दिया गया कि परिवादी द्वारा हेडसेट फोन को देते समय उसमें कोई खराबी नहीं थी। अब जो भी खराबी है उसे सर्विस सेंटर सुधार करेगा, जबकि वर्तमान में सर्विस सेंटर बंद हो गया है।

परिवादी को सिर्फ गुमराह किया पूरे प्रकरण की जांच फोरम अध्यक्ष उत्तरा कुमार कश्यप, सदस्य प्रिया अग्रवाल ने की। परिवादी ने अनावेदक क्रमांक-01 के बताए निर्देश के अनुसार अनावेदक क्रमांक-02 कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर में स्टीरियो हेड सेट ईयर फोन को वारंटी अवधि में नया बदलकर देने कहा लेकिन हर बार परिवादी को सिर्फ गुमराह किया गया। अनावेदक क्रमांक-03 सेवा में निम्नता एवं व्यवासायिक कदाचरण का दोषी है। इसलिए परिवादी नया हेड सेट ईयर फोन के बदले नया सेट पाने के साथ ही अनावेदक-क्रमांक 03 से मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 2000 तथा 2000 वाद व्यय के रूप में प्राप्त करने का अधिकार है।