संजीत कुमार, रायपुर। केरोसिन (मिट्टी का तेल) के कोटे में कटौती को लेकर केंद्र व राज्य सरकार के बीच कलह की स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बार पत्र लिख चुके हैं। सीएम करोसिन कोटा लौटाने की मांग कर रहे हैंं। इस सबके बीच यह तथ्य भी सामने आया है कि राज्य को आवंटित कोटे का 25 फीसद केरोसिन राज्य सरकार उठा ही नहीं पा रही है। सरकार कुल आवंटन का करीब 75 फीसद ही केरोसिन ले रही है।

इसकी एक वजह उज्ज्वला योजना के तहत 26 लाख रसोई गैस कनेक्शन बंटना भी बताया जा रहा है। हालांकि उज्ज्वला की रिफिलिंग का आंकड़ा भी महज 33 से 35 फीसद के बीच ही है। खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार केरोसिन के कुल आवंटन का उठाव नहीं हो रहा है। यह स्थिति पिछले कई सालों से बनी हुई है। इस वर्ष के शुस्र्आती छह महीनों में से किसी भी महीने में शतप्रतिशत उठाव नहीं हुआ है।

अफसरों के अनुसार केंद्र से हर महीने 9588 किलो लीटर केरोसिन राज्य को आवंटित की जा रही है, जबकि उठाव 72 से 78 सौ किलो लीटर के बीच है। अफसरों के अनुसार उज्ज्वला योजना लागू होने के बाद से ही केंद्र सरकार कोटे में कटौती कर रही है। इधर राज्य में भी केरोसिन के उठाव में कमी आ रही है।


केरोसिन की मांग और उज्जवला की स्थिति

- वर्ष 2016-17 में कुल 10 लाख रसोई गैस कनेक्शन बांटे गए।

- दिसंबर 2016 की स्थिति में केरोसिन का वार्षिक आवंटन एक लाख नौ हजार आठ सौ 52 किलो लीटर थी। इसमें से राज्य सरकार ने 97 हजार 308 किलो लीटर उठाया था।

- दिसंबर 2017 की स्थिति में राज्य का वार्षिक आवंटन 85 हजार 606 किलो लीटर था। सरकार ने इसमें से 70 हजार 98 किलो लीटर उठाया था।


इस वर्ष केरोसिन का लेखा-जोखा

माह केंद्र से आवंटन जिलों को जारी आवंटन उठाव

जनवरी 9588 9552 7834

फरवरी 9588 9564 7607

मार्च 9588 9564 7303

अप्रैल 9588 9588 7431

मई 9588 10500 7659

जून 9588 9336 7253

नोट- मात्रा किलोलीटर में

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मई में इस वजह से आवंटन अधिक

मई में 10 हजार 500 किलो लीटर केरोसिन जिलो को आवंटित किया गया था। खाद्य विभाग के अफसरों के अनुसार बारिश की वजह से 222 उचित मूल्य दुकानें पहुंचविहीन हो जाती हैं। इसी वजह से उन्हें चार माह के लिए केरोसिन का आवंटन मई में ही कर दिया गया था। इसी वजह से मई में 912 किलो लीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन जारी किया गया था। जून से सितंबर के बीच इसका समायोजन किया जाएगा। इसके बावजूद जिलों ने केवल सात हजार 659 किलो लीटर से अधिक नहीं उठाया।


एक वर्ष में करीब 15 फीसद बढ़ी एलपीजी की कवरेज

छत्तीसगढ़ में एलपीजी की कवरेज करीब 15 फीसद बढ़ी है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार एक जनवरी 2019 की स्थिति में राज्य में सक्रिय घरेलू गैस कनेक्शनों की संख्या 47 लाख 17 हजार और कवरेज एरिया 72.1 फीसद है। एक वर्ष पहले एक जनवरी 2018 को राज्य में सक्रिय गैस कनेक्शनों की संख्या 37 लाख 19 हजार और कवरेज एरिया 57.3 फीसद था।