रायपुर, राज्य ब्यूरो। Controversy Over Forest Produce: छत्तीसगढ़ में लघु वनोजप के संग्रहण और उसकी सरकारी खरीदी को लेकर राजभवन और सरकार बीच टकराव के आसार बढ़ गए हैं। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने वनोपजों की लक्ष्य से कम खरीदी और संग्राहकों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को वन मंत्री मोहम्मद अकबर को पत्र लिखा था। इसके जवाब में वन मंत्री की तरफ से बुधवार को एक लिखित बयान जारी किया गया है। इसमें राज्यपाल के पत्र का जिक्र नहीं है, लेकिन राज्यपाल के सवालों का जवाब देने की कोशिश की गई है।

बताया गया है कि पिछले सीजन की तुलना में इस बार ज्यादा इमली खरीदी की गई है। इससे संग्राहकों को 50.37 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई है। वन मंत्री अकबर ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2020 व 2021 में कोविड संकट और लाकडाउन के बावजूद महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से सरकार ने ग्रामीणों, विशेषकर आदिवासियों को अतिरिक्त आय प्रदान करने के लिए इमली संग्रहण व प्रसंस्करण का कार्य लगातार किया गया।

2020 में 67,552 क्विंटल और 2021 में 71.36 करोड़ रुपये मूल्य की 1,92,582 क्विंटल इमली की खरीदी की गई है। कोविड संकट के समय प्रसंस्करण समेत विविध गतिविधियों के माध्यम से भी संग्राहकों की अजीविका में वृद्धि हुई है। वन मंत्री ने बताया कि राज्य में लगभग पांच लाख क्विंटल इमली का उत्पादन प्रति वर्ष होता है। इमली की पैदावार मुख्यत: बस्तर क्षेत्र में होती है।

राज्य में इमली की खरीदी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से की जा रही है। 2020 में आटी इमली का समर्थन मूल्य 31 से बढ़ाकर 36 प्रति किलोग्राम की गई। इसी प्रकार फूल इमली की दर 63 से 69 प्रति किलोग्राम किया गया। संग्राहकों से क्रय की गई इमली के प्रसंस्करण का कार्य वन धन विकास केंद्रों में कार्यरत स्व-सहायता समूह व अन्य हितग्राही करते हैं।

संग्रहण वर्ष 2020 में क्रय की गई 23,312 क्विंटल इमली का प्रसंस्करण किया गया। इसी प्रकार संग्रहण वर्ष 2021 में संग्रहित इमली में से 68,330 क्विंटल इमली का प्रसंस्करण विगत एक माह के भीतर पूर्ण किया गया। इमली प्रसंस्करण से 2020 में करीब 13,311 हितग्राहियों को 1.45 करोड़ का हुआ। वहीं, 2021 में 21,582 हितग्राहियों को 2.69 करोड़ प्राप्त हुआ।

बता दें कि राज्यपाल ने वन मंत्री को लिखे पत्र में इमली की निर्धारित लक्ष्य का 50 फीसद खरीदी हुए बिना ही खरीदी रोकने आदि का जिक्र किया। इसकी वजह से संग्राहकों को इमली बिचौलियों को बेचनी पड़ी। उन्होंने पत्र में इमली का प्रसंस्करण नहीं कराए जाने को लेकर भी सवाल किया है।

Posted By: Azmat Ali

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags