रायपुर। Corona Treatment: भारत सरकार की गाइडलाइन के बाद भी राज्य में सरकार ने अब तक आयुष पद्धति से कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अनुमति नहीं दी है। इसे लेकर आयुष मंत्रालय ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। इधर, आयुर्वेदिक चिकित्सकों के साथ ही अब होम्योपैथी डॉक्टर भी गाइडलाइन के तहत कोविड मरीजों के इलाज की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं। बता दें राज्य में राज्य में 2277 होम्योपैथी और 4356 आयुर्वेदिक पंजीकृत डॉक्टर हैं।

होम्योपैथी चिकित्सकों ने बताया कि भोपाल होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज में सामान्य और मध्यम लक्षण के मरीजों का बकायदा भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। वहीं, होम आइसोलेशन व अन्य माध्यम से मरीजों का इलाज कर रहे है। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी गाइड लाइन के तहत इलाज की अनुमति मिली है।

मगर, छत्तीसगढ़ शासन आयुष में चिकित्सकों की अनदेखी कर इलाज की अनुमति नहीं दे रहा है। यदि राज्य सरकार अनुमति देती है, तो जिस तरह से परिस्थितियां है और डाक्टरों की कमी देखी जा रही है। उसमें निश्चित रूप से राहत जरूर मिलेगी।

होम्योपैथी चिकित्सा विशेषज्ञों ने कहा

होम्योपैथी से कम और मध्यम लक्षणों वाले मरीजों के के इलाज में कारगर साबित हो रहा है। भोपाल समेत कई राज्यों में केंद्र की गाइड लाइन को फॉलो किया जा रहा है। लेकिन अब तक राज्य सरकार ने हमें इलाज की अनुमति नहीं दी है। शासन से मांग करते हैं कि आयुष को कोरोना इलाज की अनुमति जल्द दी जाए, ताकि सहयोग से महामारी को नियंत्रित करने में बेहतर कार्य किया जा सके।

-डाक्टर दिलीप मुकुंद पिम्पले, वरिष्ठ सदस्य, राज्य होम्योपैथी परिषद छत्तीसगढ़ शासन

राज्य में कोरोना के लिए आयुष को अनुमति ना दिया जाना समझ से परे है। जबकि इलाज में यह बेहतर परिणाम दे रहा है। एलोपैथी के पास भी अभी कोरोना की दवाएं नहीं है। लक्षण के आधार पर ही गिनीचुनी दवाएं दे रहे। होम्योपैथी लक्षण के आधार दवा देना है। रोग प्रतिरोधक बढ़ाने और अन्य इलाज से कोरोना मरीज को स्वस्थ किय्या जा रहा। मैंने अब तक 3000 से अधिक कोरोना मरीजों को ठीक किया है। राज्य सरकार की मंसा समझ से परे है।

- डाक्टर विजय शंकर मिश्रा, वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक

कोरोना महामारी में होम्योपैथी पद्धति से इलाज काफी कारगर है। अब तक मैंने करीब 2500 कोरोना मरीज को स्वस्थ किया है। वर्तमान में हर दिन करीब 30 मरीज ऐसे आ रहे जिन्हें कोरोना है या उसके लक्षण। मरीज को होम्योपैथी दवाओं से राहत मिल जा रही। जब केंद्र क गाइड लाइन में आयुष पद्धति के इलाज को अनुमति है। तो राज्य सरकार को भी अब तक अनुमति दे देनी चाहिए थी।

- डाक्टर उत्कर्ष त्रिवेदी, कार्यकारी अध्यक्ष, नेशनल होम्योपैथी मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया

Posted By: Shashank.bajpai

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