आकाश शुक्ला, रायपुर। Hello Doctor: कोरोना वैक्सीन लगवाने तबीयत बिगड़ने, मौत का खतरा व अन्य साइड इफेक्ट जैसी भ्रांतियां सामने आ रही हैं। ये पूरी तरह से निराधार हैं। किसी भी वैक्सीन को लोगों तक पहुंचने से पहले उसमें काफी शोध होते हैं। कई चरणों ट्रायल की प्रक्रिया होती है। इसके बाद उसे जन समुदाय तक पहुंचाया जाता है। वैक्सीन 70 फीसद तक असरकारी व लाभदायक होता है। यानी इसके लगवाने से संबंधित बीमारी से लड़ने शरीर में प्रतिरोधकता बनती है। जो हमें बीमारियों से बचाता है। बुधवार को नईदुनिया कार्यालय में आयोजित हेलो डाक्टर (Hello Doctor) कार्यक्रम में स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण विभाग के संचालक और राज्य टीकाकरण अधिकारी डा. अमर सिंह ठाकुर ने यह बात कही।

डा. अमर सिंह ने कहा कि कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद किसी-किसी व्यक्ति को सामान्य रूप से जिस जगह पर इंजेक्शन लगा हो। वहां हल्का दर्द, सूजन, हल्का बुखार जैसी परेशान आ सकती है। मगर, यह थोड़ी देर के लिए रहेगा। स्वास्थ्य समस्याएं नहीं होंगी। यह रिएक्शन हर किसी को नहीं होगा। रिएक्शन का मुख्य कारण वैक्सीन में उस वायरस का अंश व कुछ केमिकल होते हैं, जो शरीर में जाने के बाद एक तरह से प्रोसेस शुरू कर देता है। डा. अमर सिंह ने कहा कि कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लेने के 28 दिनों के भीतर दूसरा डोज लेना जरूरी होगा। एक डोज लेने से कोई फायदा नहीं है।

अभी सिर्फ स्वास्थ्य कर्मियों को टीका, सामान्य लोगों को करना होगा इंतजार

डा. अमर सिंह ने बताया कि पहला चरण में पंजीकृत दो लाख 67 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में पुलिस, सफाईकर्मी और 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगेगा। तीसरे चरण में सामान्य वर्ग के लिए यह टीका उपलब्ध कराया जाएगा। जैसे-जैसे केंद्र सरकार के निर्देश आएंगे। वैसे वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को सार्वजनिक की जाएगी। पहले और दूसरे चरण तक तो वैक्सीन निश्शुल्क होगा। लेकिन इसके बाद की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

वैक्सीन को समझें

क्या है वैक्सीन : वैक्सीन एक तरह की दवा है, जिसे ओरल या इंजेक्शन के माध्यम से लगाया जाता है। संबंधित वैक्सीन उस बीमारी से लड़ने शरीर में प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न करता है। इससे आपके शरीर को रोग से लड़ने की शक्ति मिलती है।

यह कैसे लगता है : वैक्सीन अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्रों आदि में चिकित्सकों द्वारा लगाया जाता है। इसमें आपके स्वास्थ्यगत सुरक्षा को भी ध्यान रखा जाता है।

इसके साइड इफेक्ट : वैक्सीन के कोई साइड इफेक्ट नहीं होते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा शोध और कई चरणों में ट्रायल के बाद व्यक्तियों के लिए उपलब्ध होता है। हां किसी लगने के दौरान इंजेक्शन को थोड़ा दर्द या हल्का बुखार आ सकता है, जो बहुत ही सामान्य है। यानी किसी तरह के साइड इफेक्ट नहीं हैं।

जानें अपने चिकित्सक के बारे में

नाम : डा. अमर सिंह ठाकुर

शिक्षा : एमबीबीएस, (एमडी शिशु रोग विशेषज्ञ), जबलपुर मेडिकल कालेज

अनुभव : 36 वर्षों से चिकित्सा सेवा में सक्रिय।

पसंद : परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना, किताबें पढ़ना।

हेलो डाक्टर में पाठकों के सवाल और डा. अमर सिंह ठाकुर के जवाब

1. कोरोना वैक्सीन लगने से क्या कोई साइड इफेक्ट है। - यदुनंदन श्रीवास, फिंगेश्वर

जवाब - वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित होता है। किसी वैक्सीन को लगने के बाद उस जगह पर दर्द, सूजन या फिर हल्का बुखार थोड़ी देर के लिए आता है। यह सभी लोगों में भी नहीं होता है। यदि लक्षण आएं हैं, तो भी डरने की जरूरत नहीं है। कोरोना वैक्सीन भी पूरी तरह सुरक्षित है।

2. वैक्सीनेशन के लिए गाइड लाइन के अनुसार जिन चिकित्सा संस्थान में 100 से अधिक कर्मी कार्यरत है। उन्हें वैक्सीन केंद्र बनाया जाना है। ऐसे में स्कूलों को केंद्र बनाना क्या सुरक्षित है। - महेश सिन्हा, रायपुर

जवाब - वैक्सीनेशन की पूरी प्रक्रिया गाइड लाइन के अनुसार ही की जा रही है। प्रत्येक जिले में तीन सेंटरों में वैक्सीनेशन पहले शुरू होगा। यह बड़े सेंटर ही होंगे, जहां पूरी व्यवस्था है। वैक्सीनेशन केंद्र हमने तैयार किए हैं, उन्हें जरूरत के हिसाब से घटना बढ़ाया जा सकता है। वैक्सीनेशन के दौरान निगरानी, स्वास्थ्य जांच और इलाज की व्यवस्थाएं पूरी रहेंगी।

3. कोरोना वैक्सीन लगाने से इसका असर कब तक शुरू होगा। - जसबीर सिंह, बेमेतरा

जवाब : वैक्सीन का पहला डोज लगने के 28 दिनों के भतीर दूसरा डोज लगाना जरूरी है। इसके बाद ही यह शरीर में रोग से लड़ने प्रतिरोधकता उत्पन्न् करेगा। एक ही डोज में लाभ नहीं मिल पाएगा।

4. कोरोना वैक्सीनेशन के लिए स्कूलों को केंद्र बनाना क्या सही है। - संतोष बघेल, बिलासपुर

जवाब - कोरोना वैक्सीनेशन बड़े पैमाने पर होना है। ऐसे में व्यवस्था के लिहाज से स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों को चयन किया गया है। वैक्सीनेशन के दौरान जरूरी सुवधिाएं उपलब्ध होंगी। जिन केंद्रों में वैक्सीनेशन होगा। वह बड़े अस्पतालों के आस-पास होगा।

5.कोरोना का वैक्सीन कितना फायदेमंद होगा। - राहुल कुमार, समता कालोनी, रायपुर

जवाब - कोई भी वैक्सीन 60 से 70 फीसद सुरक्षित होता है। और रोगों से बचने के लिए यह फायदेमंद होता है। कोरेाना वैक्सीन को भी कई चरणों में शोध के बाद तैयार किया गया है। 70 फीसद तक फायदेमंद होने की बात कही गई है।

6. कोरोना वैक्सीन लगने से मौत का खतरा जैसी कई भ्रांतियां सामने आ रही है। कितनी सच्चाई है। - गोविंद तांडी, दुर्ग

जवाब - वैक्सीन को लेकर जो भी भ्रांतियां सामने आ रही है। वह सभी गलत है। यह पूरी तरह से सुरक्षित है। वैक्सीन के लगने से संक्रमण से सुरक्षित रहेंगे। अभी सिर्फ स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया जाएगा। आम लोगों के लिए तीसरे चरण के बाद प्रक्रिया होगी। इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जाएगी।

7. कैंसर के मरीज यदि कोरोना का टीका लगवाते हैंे, तो उन्हें कोई खतरा तो नहीं है। - मुन्ना वैष्णव, बेमेतरा

जवाब - मरीज की स्थिति बहुत अधिक खराब है। चाहे वह कोई भी बीमारी हो तो वैक्सीन नहीं लगेगा। बीमार व्यक्ति की स्थिति को जांचकर वैक्सीनेशन किया जाएगा। वैक्सीन से किसी तरह का खतरा नहीं है।

8. अभी किन्हें टीका लगाया जाएगा। सामान्य लोगों को कब वैक्सीन लगेगा। इसके लिए क्या पैसे देने पड़ेंगे। - मुकेश साहू, गरियाबंद

जवाब - अभी पहले चरण में सिर्फ पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाएगा। इसके बाद पुलिस, सफाई कर्मी, 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टीका लगेगा। सामान्य लोगों के लिए तीसरे चरण में प्रक्रिया शुरू होगी। यह अब तक तो निश्शुल्क है। लेकिन बाद में यह किसी तरह दिया जाएगा, इसके लिए स्थिति स्पष्ट नहीं है।

Posted By: Shashank.bajpai

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