रायपुर। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

राजधानी में पानी की बर्बादी और चोरी रोकने के लिए नगर निगम एनीकट, फिल्टर प्लांट और पानी की टंकियों की आनलाइन मानिटरिंग करेगा। निगम प्रशासन इसके लिए फिल्टर प्लांट में सेंट्रल कंट्रोल रूम बना रहा है। कंट्रोल रूम से एनीकट, फिल्टर प्लांट और पानी की टंकी को जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद कंट्रोल रूम में बैठकर निगम के कर्मचारी एक-एक बूंद पानी की निगरानी कर सकेंगे। एनीकट से फिल्टर प्लांट तक कितना रा वाटर आया, फिल्टर प्लांट से किस टंकी को कितने लीटर व कालोनियों में कितने पानी की आपूर्ति की गई, निगम प्रशासन के पास सबका लेखा-जोखा रहेगा कि प्रतिदिन एनीकट से फिल्टर प्लांट एवं नलों तक पहुंचने से पहले रास्ते में कितना पानी बर्बाद हुआ, इसकी जानकारी निगम प्रशासन को मिल सकेगी। निगम प्रशासन ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। तीन से चार माह में इसे शुरू कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि रायपुर नगर निगम के अंतर्गत कुल 70 वार्डों में कुल 38 पानी की टंकियों से एक दिन में कुल 277 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है, लेकिन टंकी एवं कालोनियों तक कितना पानी पहुंच रहा है, इसका कोई हिसाब निगम प्रशासन के पास नहीं है। निगम के जलकर विभाग के अधिकारी का कहना है कि एनीकट से फिल्टर प्लांट के बीच कई जगह रायजिंग लाइन से पानी की चोरी होती है। इतना ही नहीं, फिल्टर प्लांट से टंकियों के बीच जलापूर्ति के दौरान करीब 10 फीसदी से अधिक पानी रास्ते में गायब हो जाता है। इससे राजधानी वासियों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है। पानी की बर्बादी रोकने के लिए निगम ने सर्वे भी करवाया था, लेकिन उसके बाद भी पानी की बर्बादी पर रोक नहीं लग पाया।

कंट्रोल रूम से पल-पल की मिलेगी जानकारी

निगम के अधिकारी ने बताया कि घर-घर पानी पहुंचाने के लिए एनीकट, फिल्टर प्लांट में करीब 150 कर्मचारी वाल और पंपों को चलाने का काम कर रहे हैं। अमृत मिशन योजना के तहत एनीकट, फिल्टर प्लांट एवं कालोनियों में जलापूर्ति करने वाली टंकियों में फ्लो मीटर लगाए गए हैं। सभी टंकियों में फ्लो मीटर के साथ सेंसर भी लगाए गए हैं। टंकियों की निगरानी के लिए फिल्टर प्लांट में सेंट्रल कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। वहां बैठकर टंकियों की पल-पल की जानकारी ली जा सकेगी। किस टंकी में कितना पानी है, कौन खाली है, टंकी में जलापूर्ति कब शुरू हुई, फिल्टर प्लांट से कितने लीटर पानी सप्लाई हुआ और टंकी तक कितना पहुंचा, इसकी पूरी जानकारी सेंट्रल कंट्रोल रूम से ली जा सकेगी।

वर्जन

एनीकट, फिल्टर प्लांट और पानी की टंकियों में सेंट्रल कंट्रोल कमांड से जोड़ने की तैयारी चल रही है। करीब चार माह के भीतर जुड़ जाएगा। उसके बाद पानी की टंकी और फिल्टर प्लांट के एक-एक बूंद पानी की मानिटरिंग की जा सकेगी।

- आरके चौबे, सीई, अमृत मिशन योजना, नगर निगम, रायपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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