रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

सरकार की तरफ से लगभग तय है कि महापौर का चुनाव सीधे जनता नहीं, बल्कि पार्षद ही करेंगे। ठीक वैसे ही जैसे मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री को विधायक और सांसद चुनते हैं। ऐसे में महापौर पद की दावेदारी ठोकने वाले तमाम बड़े नाम अब बैकफुट पर आ गए हैं। मानो इन्हें सांप सूंघ गया हो, क्योंकि पार्षद का चुनाव लड़कर ये दिग्गज फिर से वार्ड की राजनीति में लौटना नहीं चाहते या यूं कहें कि इन्हें अपने मौजूदा कद से कमतर पर जाना मुनासिब नहीं है। यह भी कह सकते हैं कि इन्हें डर सता रहा है कि अगर हारे तो राजनीतिक कॅरियर खत्म न हो जाए, जीत भी गए और पार्टी के पार्षद कम रहे तो विपक्ष में बैठना होगा। ऐसे कई समीकरण को निकालकर दिग्गजों ने पार्टी के आदेश को सर्वोपरि मानने का स्टेटमेंट निकाल लिया है। सूत्रों की मानें तो जिन नामों की चर्चा जोर शोर पर रही, उनमें से कोई भी चुनाव लड़ने को अब तैयार नहीं है। हालांकि कह तो ये यह भी रहे हैं कि बिना पार्षद के भी महापौर बन सकते हैं, जैसे पूर्व में एक महापौर एक साल तक रहे थे।

क्या ये दिग्गज लड़ेंगे चुनाव- नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा या उसके बहुत पहले से राजनीतिक गलियारों और पार्टी के अंदर कुछ नामों के महापौर पद के दावेदार होने की चर्चा जोरों पर रही। यह चर्चा तो शनिवार, 12 अक्टूबर की दोपहर तक भी जीवित थी, लेकिन सरकार के फैसले ने शाम होते-होते इसे मृत कर दिया। अरमानों पर पानी फेर दिया। अब सवाल यह है कि क्या महापौर पद पर दावेदारी करने वाले ये नाम पार्षद चुनाव लड़ेंगे? कांग्रेस से मौजूदा महापौर प्रमोद दुबे, कांग्रेस से ही पूर्व महापौर डॉ. किरणमयी नायक और कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय। वहीं भाजपा से निगम के पूर्व सभापति और आरडीए अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी, पूर्व मंत्री राजेश मूणत।

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तीन बार पार्षद रहा हूं। पार्टी मुझे या फिर अन्य नेताओं को पार्षद चुनाव लड़ने के लिए आदेशित करेगी तो बिल्कुल लड़ेंगे। वैसे भी सीट सामान्य है। (आप उच्च पद पर रहे हैं, पार्षद तो पहली सीढ़ी है। बोले...)

- संजय श्रीवास्तव, पूर्व सभापति एवं आरडीए अध्यक्ष, भाजपा नेता

मैं दावेदार नहीं हूं

- डॉ. किरणमयी नायक, पूर्व महापौर, रायपुर

इस पर मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। इतना ही कहूंगा कि पार्टी जो आदेश देगी, उसका पालन करूंगा।

- प्रमोद दुबे, महापौर, नगर निगम

पार्टी तय करेगी कि कौन पार्षद का चुनाव लड़ेगा, कौन नहीं, यह विकास उपाध्याय तय नहीं करेगा। पार्टी जो आदेश देगी, वह मान्य होगा। मैंने पहले भी दावेदारी नहीं की थी। हां, कंडिशनल दावेदार आप मान सकते हैं।

- विकास उपाध्याय, विधायक, रायपुर पश्चिम