रायपुर। Road Safety Week : राजनांदगांव जिले में सुरक्षित यातायात के लिए दर्जनों नियम बनाए गए हैं, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। गंभीर बात तो यह है कि बहुत सी गाड़ियां परिवहन विभाग से बिना फिटनेस कराए ही सड़कों पर दौड़ रही हैं, जो अक्सर हादसों का कारण बनते हैं। परिवहन विभाग की ओर से इन वाहनों को नजरअंदाज किया जाता है। यही कारण है कि व्यवसायिक क्षेत्र में भी बड़े व छोटे वाहन नियमों को तोड़ते हुए धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जिले में कई ऐसी यात्री बसें भी हैं, जो फिटनेस जांच कराए बिना ही ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे हैं।

हर दो साल में होती है जांच

नए ही नहीं पुराने वाहनों की फिटनेस जांच हर दो साल में परिवहन विभाग में हाेती है। जांच के बाद ही विभाग फिटेनस सर्टिफिकेट जारी करता है। इसके लिए गाड़ी मालिकों को 350 रुपये से 900 रुपये तक देने पड़ते हैं। गाड़ियों की साइज के अनुसार फिटनेस का शुल्क लिया जाता है। निर्धारित समय में फिटनेस नहीं कराने पर निर्धारित शुल्क के साथ जुर्माना तक वसूल किया जाता है। फिटनेस नहीं कराने वाले गाड़ी मालिकों से चार से पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूल करते हैं। इसके बाद भी लोग अपनी गाड़ियों को खटारा गाड़ियों को दौड़ते हैं।

गांवों में टूट रहे नियम

ग्रामीण क्षेत्र में परिवहन विभाग और यातायात के नियमों की हर रोज धज्जियां उड़ रही हैं। स्कूल वाहनों के साथ यात्री बसें भी खटारा होने तक गांवों में दौड़ा रहे हैं। ऐसे वाहन कई बार हादसों का कारण तक बन रहे हैं। गंभीर बात तो यह है कि जिले में कई ऐसे शासकीय विभागों में भी खटारा गाड़ियां हैं, जो बिना फिटनेस के ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। बड़े वाहनों में बाहर तक सामान ले जाने पर पीछे लाल रंग का कपड़ा लटकाया जाता है, ताकि पीछे चलने वाले लोगों को संकेत मिल सके। लेकिन गांवों में ऐसे नियमों का पालन ही नहीं होता।

ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन सदस्य व बस आपरेटर संघ के अध्यक्ष रइस अहमद शकील ने कहा कि वाहनों की फिटनेस जांच जरूरी है। बिना फिटनेस के वाहनों को सड़कों पर चलाना जान जोखिम में डालना है। वाहन मालिकों को नियमों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। इससे खुद के साथ गाड़ियों में सवार लोगों की सुरक्षा रहती है। हम अपने वाहनों का हर दो साल में फिटनेस कराते हैं। एसोसिएशन के साथ सभी ट्रांसपोर्टरों को भी जागरूक करते हैं।

आरटीओ रविंद्र ठाकुर ने बताया कि वाहनों की चेकिंग के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बिना फिटनेस के चल रही गाड़ियों पर कार्रवाई भी की जाती है। अभियान को और तेज करेंगे, ताकि खराब हालत में चल रहे वाहनों पर कार्रवाई कर अंकुश लगाया जा सकें।

Posted By: Shashank.bajpai

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