रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

पिछले दिनों आंधी-पानी से खेतों में खड़ी धान की पकी फसल को काफी नुकसान हुआ है। इसी तरह खलिहान में रखा धान बीस फीसद भीग गया है। ऐसे में अन्नदाता के सामने फसल की लागत निकलने को लेकर चिंता सता रही है। वहीं अन्नदाता अब सरकार से राहत देने की मांग कर रहे हैं। सेजबहार रहवासी किसान चंद्रकात साहू की मानें तो उन्होंने लंबी अवधि के धान की बुआई की थी। कटाई का समय आ गया। बेमौसम बरसात ने पूरी फसल को चौपट कर दिया। लगभग 20 फीसद धान की फसल खेत में बिछ गई है। भीग गए धान की कटाई हार्वेस्टर से नहीं हो पाएगी। मजदूर भी नहीं मिल पा रहे हैं। इससे धान की बाली सड़ने के साथ कीट का प्रकोप बढ़ गया है। ज्ञात हो कि प्रदेश में धान का कुल रकबा 38 लाख हेक्टेयर तो रायपुर में एक लाख 57 हजार 300 है, जिसमें सभी तरह की वेरायटी लगाई गई है।

अर्ली किस्मों में अच्छे उत्पाद की उम्मीद

धान की अर्ली फसल की खेती करने वाले किसानों को इस बार अच्छे उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन बेमौसम बारिश और तेज हवा ने प्रदेश समेत राजधानी से सटे जिले के किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अभनपुर, धमतरी जिले के अधिकांश गांवों में अर्ली धान की वेरायटी लगाई गई है, जिसमें आरबी गोल्ड, बलवान, एक हजार दस, महामाया के साथ हाइब्रिड धान शामिल है। ज्ञात हो कि अधिकतर जिले के खेतों में धान पक कर तैयार हो गया है, लेकिन तेज बारिश, हवा से तमाम खेतों में धान की फसल बिछ गई है। कई जगह तो धान की बाली पानी में डूब गई है।

कर्मचारी सर्वे करने नहीं पहुंचे

बेमौसम बरसात से फसल चौपट हो गई, जिसे लेकर अन्नादाता काफी चिंतित हैं। वहीं कृषि विभाग की तरफ से अभी तक मौके की जांच करने के लिए कोई अधिकारी नहीं गया है, जबकि नुकसान झेल रहे किसानों का कहना है कि मौके की जांच के लिए बीमा कंपनियों को भी सूचित किया गया है। अभी तक कोई भी कर्मचारी सर्वे करने नहीं पहुंचा है। इस बार अधिकतर किसानों की दीपावली त्योहार फिकी रही। अर्ली किस्म के धान की प्रजाति लगाकर आय करते थे, लेकिन खेतों में पानी भरने से किसान अपनी धान की कटाई समय पर नहीं पाए। साथ ही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में देरी हो गई । इससे समय पर किसान धान बेच नहीं पाए।

जांच करने कोई नही आया

बेमौसम बरसात, तेज हवा ने फसल को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दो एकड़ में आरबी गोल्ड धान की फसल लगाई गई थी, फसल भी काफी अच्छी थी। सरकार की तरफ से भी कोई टीम मौके की जांच करने नहीं आई है।

- श्रीकांत साहू, किसान

बारिश से फसल चौपट

कटाई शुरू हो गई थी, लेकिन बेमौसम बारिश से पूरी फसल चौपट हो गई। खेत में पड़ी धान की बालियों में कीट लगने शुरू हो जाएंगे। इससे पैदावार प्रभावित होंगे।

- शंकर लाल सोनकर, किसान

बीमा कंपनी से मांगा गया रिपोर्ट

बरसात से खेत में खड़ी धान की फसलों को बहुत नुकसान नहीं हुआ है, सिर्फ कट चुके धान की बालियां प्रभावित हुईं। बीमा कंपनी को रिपोर्ट तैयार करने सौपने को कहा गया है।

- आरएल खरे, ज्वाइंट डायरेक्टर, कृषि विभाग, रायपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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