पराग मिश्रा, रायपुर। Cyber Criminal अभी तक उपभोक्ताओं के पास एटीएम लॉक होने और नंबर, ओटीपी पूछकर खाते से पैसे निकाले जाने की बात सामने आ रही थी, लेकिन अब यह धीरे-धीरे पुरानी होती जा रही है। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन ठगों ने अपना रास्ता बदलना शुरू कर दिया है। ऑनलाइन ठग अब बड़ी तेजी के साथ शासकीय योजनाओं में भी घुसपैठ कर रहे हैं। इन दिनों यह देखा जा रहा है कि बड़ी तेजी के साथ लोगों के मोबाइन फोन, सोशल मीडिया पर शासकीय योजनाओं से संबंधित मैसेज आ रहे हैं। ध्यान देने योग्य बात तो यह है कि शासकीय योजनाओं का जिक्र होने के कारण उपभोक्ता भी इनमें बड़ी आसानी से फंस जाते है। बैंक अफसरों का कहना है कि उपभोक्ताओं को इस प्रकार शासकीय योजनाओं के नाम से आ रहे मैसेजों से भी दूरी बना लेनी चाहिए।

केस 1 : इन दिनों मुद्रा योजनाओं के नाम से भी घर बैठे एक से पांच लाख तक का लोन लेने के मैसेज आ रहे है। बैंकों का कहना है कि इस प्रकार के कोई भी मैसेज बैंकों के द्वारा नहीं भेजे जा रहे है। उपभोक्ता ऐसे किसी भी झांसे में न आएं। इसके लिए आरबीआइ से भी अलर्ट मैसेज जारी किया जाता है।

केस 2 : पिछले दिनों सोशल मीडिया में सुकन्या योजना के नाम पर मैसेज आने शुरू हो गए थे। इन मैसेजों में लिंक शेयर करने पर सीधे-सीधे आपके खाते में पैसे आने की बात कही जा रही थी। कुछ उपभोक्ताओं के तो इस प्रकार के मैसेजों के झांसे में आकर अपने लाखों रुपये गवाने की बात भी सामने आई है।

केस 3 : बताया जा रहा है कि इन दिनों मुद्रा योजनाओं के साथ ही एलआईसी स्कीमों सहित अन्य योजनाओं के नाम पर भी लगातार मैसे भेजे जा रहे है और इनसे उपभोक्ताओं को झांसे में लेने की कोशिश की जा रही है।

केस 4 : नौकरी लगने के नाम पर गलत नंबर लग जाने के का झांसा देकर ओटीपी मांगा जा रहा है और खाते से पैसे निकाले जाने की शिकायत आ रही है। इसके साथ ही ऑनलाइन ठगों द्वारा नया रास्ता निकालते हुए फर्जी कस्टमर केयर बनाकर उपभोक्ताओं के खातों से ठगी करने की भी बात सामने आ रही है।

उच्च लाभ वाली योजनाओं से दूर रहें उपभोक्ता- आरबीआई

आरबीआइ इन दिनों लगातार अपने उपभोक्ताओं को अलर्ट मैसेज जारी कर रहा है कि वे तेज और उच्च लाभ जोखिम भरी योजनाओं से दूर रहें। ऐसी कोई भी योजना नहीं होती, जो सीधे ही आपका दोगुना-तिगुना कर दे। इसके बारे में और अधिक जानकारी के लिए उपभोक्ता सीधे ही 14440 पर कॉल कर सकते हैं या ऑनलाइन भी जानकारी ले सकते हैं। उपभोक्ताओं को सतर्क करने के साथ ही बैंकों को भी अपनी शाखाओं में उपभोक्ताओं में जागरूकता फैलाने की बात कही है।

Posted By: Prashant Pandey