रायपुर। राज्य ब्यूरो। महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के बैनर तले छत्‍तीसगढ़ के कर्मचारियों का लगातार आंदोलन चल रहा है। इसी कड़ी में 17 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर में प्रदेश के कर्मचारी संगठन और शिक्षक संगठनों के नेता व समर्थक प्रदर्शन करेंगे।

महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा में समान भूमिका में शामिल छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान और प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह ने बताया कि निष्पक्ष बैनर महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के घटक संगठनों की रायपुर में बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न् संगठनों ने निर्णय लिया है कि राज्य सरकार के कर्मचारी विरोधी नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया जाएगा।

18 को कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं को सौंपेंगे ज्ञापन

संगठनों का कहना है कि कांग्रेस की प्रदेश सरकार यहां के कर्मचारियों की सुनवाई नहीं कर रही है। इसलिए सरकार की नीतियों को बताने दिल्ली के जंतर मंतर में धरना किया जाएगा। इसके बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं को 18 जुलाई को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के निष्पक्ष बैनर में सभी संघों के प्रदेश अध्यक्ष की समान भूमिका में मंहगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा का गठन हुआ है। इसके द्वारा पूर्व में ही चरणबद्ध हड़ताल करने के बाद मात्र पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का आदेश दिया गया था, कर्मचारी इससे नाखुश हैं। उनका कहना है कि यहां के कर्मचारियों को मात्र 22 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है, जबकि केंद्र व अन्य राज्यों में 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय है।

कोयला, बिजली और खाद संकट केंद्र की देन

राज्य ब्यूरो देश में कोयला, बिजली और खाद के संकट के लिए मुख्यमंत्री भूपेश्ा बघेल ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि सारी कमियां केंद्र सरकार की वजह से ही है। वे दिला नहीं पा रहे हैं। विधानसभा के मानसून सत्र की छोटी अवधि को लेकर नेता प्रतिपक्ष की तरफ से उठाए जा रहे प्रश्न पर मुख्यमंत्री बघेल ने पूछा कि कौशिक जब स्वयं विधानसभा अध्यक्ष थे तब कितनी बार सत्र की अवधि बढ़ाई गई।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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