रायपुर। Death From Corona: कोरोना मरीजों के लिए बिस्तरों की पर्याप्त संख्या को लेकर शासन चाहे जितना भी दावा कर रही है। मगर, असल स्थिति यह है कि आज भी आइसीयू, वेंटिलेटर बिस्तर न मिलने से मरीजों को जान गंवानी पड़ रही है। दरअसल, शासन जो बिस्तर खाल होने की बात कर रहा उसमें सामान्य बिस्तर ही हैं। जबकि आइसीयू, वेंटिलेटर की स्थिति यह है कि राजधानी के आम्बेडकर अस्पताल और एम्स में पिछले तीन महीने से यहां बिस्तर भरे ही रहते हैं।

ऐसे में मरीज को शासकीय अस्पताल में बिस्तर न मिलने और निजी अस्पतालों में खर्च अधिक होने की वजह से वह इसका खर्च वहन नहीं कर पाने के कारण मौत के मुंह में जा रहे। इधर सरकार ने जैसे तैसे कुछ आईसीयू, वेंटिलेटर के बिस्तर तो बढ़ाये हैं।

मगर, यहां भी क्रिटिकल केयर के स्टाफ न होने से समस्या आ रही है। प्रदेश का सबसे बड़ा आम्बेडकर अस्पताल ऐसे ही समस्या से जूझ रहा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिस्तर उपलब्ध होने का दवा कर रही है। लेकिन आईसीयू, वेंटिलेटर की कमी से कई मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा।

आईसीयू व वेंटिलेटर खाली की जानकारी गलत

इधर, शासन द्वारा पोर्टल के माध्यम से बिस्तरों की संख्या की जानकारी ही अपडेट नहीं हो पा रहा है। दोपहर में आईसीयू, वेंटिलेटर बिस्तरों की स्थिति जानने अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी से संपर्क किया। इस दौरान आम्बेडकर अस्पताल में आईसीयू, वेंटिलेटर के एक भी बिस्तर खाली नहीं होने की जानकारी दी गई। जबकि शासकीय पोर्टल में इसी समय तीन आइसीयू के और एक वेंटिलेटर बिस्तर खाली दिखा रहे थे।

इसी तरह तरह माना अस्पताल में दो बिस्तर खाली दिखा। लेकिन अस्पताल में भरे बताए गए। बीरगांव ईएसआइसी अस्पताल में भी 12 वेंटिलेटर खाली होने की जानकारी पोर्टल में थी, लेकिन अस्पताल से जानकारी लेने पर सात बिस्तर खाली बताए गए।

रायपुर जिले में कुल और उपलब्ध बिस्तरों की संख्या

बिस्तर कुल - उपलब्ध

सामान्य बिस्तर - 2060 - 1712

ऑक्सीजन बिस्तर - 3442 - 2288

एचडीयू बिस्तर - 551 - 358

आईसीयू बिस्तर - 875 - 380

वेंटिलेटर - 500 - 96

नोट : शासकीय पोर्टल पर जानकारी के अनुसार।

वर्जन

अस्पताल में कोरोना के लिए 107 आइसीयू, वेंटिलेटर के बिस्तर हैं। सभी भरे हुए हैं। करीब तीन महीने से ऐसी ही स्थिति चल रही।

- डॉक्टर ओपी सुंदरानी, प्रभारी, कोविड क्रिटिकल केयर यूनिट, आम्बेडकर अस्पताल

वर्जन

एम्स में 81 वेंटिलेटर की व्यवस्था है। यह पूरे भरे हैं। जिस तरह से केस सामने आ रहे हैं । आइसीयू में बिस्तर खाली ही नहीं रहते हैं। जबकि पहले क्व मुकाबले अस्पताल में व्यवस्था दोगुनी कर दी गई है।

- शिवशंकर शर्मा, पीआरओ, एम्स

Posted By: Shashank.bajpai

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