रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के गोलबाजार में व्‍यापारियों को उनके दुकान का मालिकाना हक देने का मामला अभी तक अधर पर लटका है। राजधानी के गोलबाजार की दुकानों का मालिकाना हक देने विकास और निर्माण शुल्क लेने के फैसले का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। गोलबाजार व्यापारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को निगम के अपर आयुक्त (राजस्व) अरविंद शर्मा से मुलाकात कर विकास शुल्क, निर्माण शुल्क की मांग पर फैसला लेने की मांग की। बता दें कि इससे पहले व्‍यापारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर मालिकाना हक देने की मांग की गई थी।

गोलबाजार व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष धनराज जैन, सचिव परवेज शकीलुद्दीन ने अपर आयुक्त अरविंद शर्मा को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि गोलबाजार की प्रस्तावित योजना के संबंध में दावा आपत्ति मंगाई गई थी, जितने भी व्यापारियों ने दावा आपत्ति की है, लगभग सभी विकास शुल्क, निर्माण शुल्क हटाने पर कायम है। व्यापारी महासंघ अपने छह व्यापारी संघों के साथ व्यापारियों के आपत्तियों के निराकरण करने बुलाने के पहले निगम प्रशासन विकास व निर्माण शुल्क की आपत्ति पर निर्णय ले। इसके बाद व्यापारियों को बुलाने की प्रक्रिया पूरी करे।

अन्य पिछड़ा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के सत्यापन के बाद सूची का प्रारंभिक प्रकाशन

13 मई तक दावा-आपत्ति करने का मौका : क्वांटीफाएबल डाटा आयोग द्वारा अन्य पिछड़ा वर्गों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का सर्वेक्षण कर सत्यापन का कार्य किया गया है। जनसाधारण की जानकारी के लिए सूची का प्रारंभिक प्रकाशन पांच मई को निगम मुख्यालय भवन और सभी जोन कार्यालयों में किया गया। नगर निगम के अपर आयुक्त सुनील चंद्रवंशी ने बताया कि इसमें दावा-आपत्ति करने की अंतिम तिथि 13 मई निर्धारित है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को सूची में कोई आपत्ति हो, तो वह अपने निकटवर्ती जोन कार्यालय में अथवा नगर निगम के मुख्यालय भवन में कार्यालयीन समय में सूची का अवलोकन करके अपनी दावा-आपत्ति को पेश कर सकता है।

Posted By: Kadir Khan

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