रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों धान खरीदी के मुद्दे को लेकर सियासत गरमाई हुई है। एक तरफ राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में केंद्र सरकार द्वारा सार्थक सहयोग न करने का आरोप लगा रही है। इसी वजह से राज्य में धान खरीदी में देरी भी हो रही है। प्रदेश सरकार ने धान खरीदी की पूर्व निर्धारित तिथी को करीब एक महीने आगे बढ़ा दिया गया। इस वजह से किसानों को नुकसान भी हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने इस बात को लेकर किसानों के समर्थन में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया है। शुक्रवार को भाजपा ने प्रदेश व्यापी प्रदर्शन 'धान ला तोल, नहीं ते हल्ला बोल' किया।

शुक्रवार को भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ 'धान ला तोल, नहीं ते हल्ला बोल' अभियान चलाया। इस विरोध प्रदर्शन अभियान के तहत राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब धरना स्थल पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता धरने पर बैठे हैं। धरना स्थल पर भाजपा अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल भी मौजूद हैं।

इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों में भी स्थानीय नेताओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने धरना देकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बता दें कि केंद्र और राज्य में बीच धान खरीदी को लेकर चल रही सियासत के बीच बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान और नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की थी। इस दौरान सीएम भूपेश ने केंद्रीय मंत्री से सेंट्रल पुल के माध्यम से 32 लाख मीट्रिक टन धान छत्तीसगढ़ से खरीदने की मांग रखी थी।

धान खरीदी एक दिसंबर से, समितियों तक नहीं पहुंचा निर्देश

प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी एक दिसंबर से शुरू होगी, लेकिन अभी तक जिले के धान खरीदी केंद्रों में इसका निर्देश नहीं पहुंच पाया है। किसान धान विक्री के लिए टोकन, नए निर्देश आदि पर जानकारी लेने पहुंच रहे हैं तो उन्हें केंद्र प्रभारी का इंतजार करने को कहा जा रहा है। ऐसे में किसानों का समय खराब हो रहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए पंजीयन की तिथि सात नवंबर को समाप्त हो गई है। शासन ने एक से सात नवंबर तक तिथि बढ़ाई थी। मार्कफेड के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही टोकन प्रक्रिया शुरू होगी, सभी नियम तैयार हो चुके हैं।

पंजीयन के लिए बढ़ाए गए दिनों में जिले में 988 किसानों ने पंजीयन कराया। जिले में नए पंजीकृत किसानों की संख्या 13,780 हो गई है। इससे पहले 31 अक्टूबर तक 12,792 नए किसानों ने पंजीयन कराया था। 2018-19 में पंजीकृत किसानों की संख्या कुल 1,01,208 थी। इस वर्ष कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 1,16,800 है।

Posted By: Nai Dunia News Network