रायपुर। Gunras Piya Foundation: शास्त्रीय संगीत को ऑनलाइन माध्यम से देशभर के संगीत रसिकों के बीच पहुंचाने का जिम्मा उठाने वाली संस्था गुनरसपिया फाउंडेशन की 36वीं संगीत सभा रविवार को सुबह 10 बजे हुई। पिछले 36 सप्ताह से लगातार विविध शास्त्रीय गायक, वादक अपनी प्रस्तुति से संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। इसी श्रृंखला में रविवार को रांची के कलाकार पंडित शैलेन्द्र कुमार पाठक ने ध्रुपद-धमार की प्रस्तुति दी।

गया घराने के प्रख्यात संगीत गुरु पंडित सुमन पाठक, पंडित रामबचन एवं पंडित अभिराम पाठक के गंडाबन्ध शागिर्द पंडित शैलेन्द्र कुमार पाठक शास्त्रीय वादन के क्षेत्र में एक सशक्त हस्ताक्षर हैं। उन्होंने अपने गायन की शुरुआत राग-गुर्जरी तोड़ी, ताल-चौताल की बंदिश 'शंकर महादेव जटाजूट, गले मुण्डमाल सोभे' से की प्रस्तुति दी।

इसके बाद उन्होंने धमार ताल में प्रसिद्ध धमार-ए जु काल की गवालानियां की प्रस्तुति से कार्यक्रम का समापन किया। उन्होंने स्थाई अंतरा, संचार, आभोग, लयकारी, अंतरा इत्यादि में शानदार लयकारी की प्रस्तुति दी।

पखावज, हारमोनियम पर संगत

पण्डित शैलेंद्र के साथ पखावज पर श्रवण कुमार पाठक ने एवं हारमोनियम पर अभिनंदन ने सुंदर संगत की। श्रोताओं ने उनके कार्यक्रम में लगातार दाद दी।

अनेक प्रतिभाओं को मौका

अब तक गुनरस पिया की सभा में गायन, तबला, वादन, सितार, सरोद-सारंगी, संतूर वादन की प्रस्तुतियां हो चुकी हैं। युवा एवं नवोदित कलाकारों को रविवासरीय संगीत सभा के माध्यम से जन जन तक पहुचाने का कार्य संस्था द्वारा अनवरत जारी है।

भविष्य में भी होंगे ऑनलाइन आयोजन

गुनरस पिया फाउंडेशन के संयोजक दीपक व्यास ने बताया कि कोरोना काल में देश-विदेश के कलाकारों को फेसबुक के माध्यम से कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए अवसर दिया जा रहा है। भविष्य में भी शास्त्रीय संगीत के संरक्षण एवं प्रचार प्रसार के लिए आयोजन किए जाते रहेंगे।

Posted By: Shashank.bajpai

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags