आकाश शुक्ला रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश में शुगर के मरीजों में डायबिटिक रेटिनोपैथी बीमारी आंखों की रोशनी छीन रही है। तीन वर्षों में रेटिनोपैथी के 19,256 केस सामने आए हैं। आंबेडकर अस्पताल में ही हर माह 1200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। जिला और निजी अस्पतालों में भी केस लगातार बढ़ रहे हैं।

राज्य अंधत्व निवारण समिति के नोडल अधिकारी व नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. सुभाष मिश्रा के अनुसार प्रदेश की करीब 20 प्रतिशत आबादी शुगर से पीड़ित है। अनियंत्रित शुगर मरीजों में 53 प्रतिशत में डायबिटिक रेटिनोपैथी की समस्या देखी जाती है। जिनका शुगर नियंत्रित नहीं हैं, उनमें यह बीमारी पांच वर्ष बाद शुरू हो जाती है। चार स्टेज में होने वाली यह बीमारी आंखों को पूरी तरह से खराब कर देती है। जिनका शुगर नियंत्रित है, सात वर्ष में यह समस्या आती है लेकिन यह आंखों को ज्यादा प्रभावित नहीं करती है।

यह है डायबेटिक रेटिनोपैथी

आंख (रेटिना) के पीछे के ऊतकों के नसों को नुकसान के कारण डायबेटिक रेटिनोपैथी होता है। शुरुआती लक्षणों में हवा में तैरते हुए धुंधले धागे या धब्बे दिखना, धुंधलापन, काले धब्बे दिखना व रंगों को पहचानने में कठिनाई फिर अंधापन सामने आता है।

बचाव के लिए यह जरूरी

चिकित्सकों का कहना है कि बचाव के लिए शुगर को नियंत्रित रखना जरूरी है। आंखों में किसी तरह की समस्या आए तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। प्रत्येक वर्ष आंखों की जांच कराना जरूरी है।

प्रदेश में तीन वर्ष में मिले केस

वर्ष - संख्या

2019-20 - 5,272

2020-21 - 5,317

2021-22 - 8,667

कुल - 19,256

इन जिलों में डायबिटिक रेटिनोपैथी के मामले

जिला - संख्या

रायपुर - 10,726

बस्तर - 4,793

दुर्ग - 2,240

बिलासपुर - 555

बलौदाबजार - 217

नोट : पिछले तीन वर्ष की स्थिति।

वर्ष-2021-22 में जिलेवार मरीजों की पर एक नजर

जिला - केस

रायपुर - 4,756

बस्तर - 2,522

दुर्ग - 924

बिलासपुर - 62

बलौदाबाजार - 71

बेमेतरा - 7

महासमुंद - 72

कोरबा - 44

राजनांदगांव - 19

जशपुर - 7

गरियाबंद - 18

सूरजपुर - 34

नारायणपुर - 29

कोरिया - 9

जांजगीर - 14

बीजापुर - 1

कोंडागांव - 20

कांकेर - 9

सुकमा - 17

कवर्धा - 16

मुंगेली - 16

वर्ष-2021-22 में चिन्हित शुगर के मरीज

मरीज - पुरुष - महिला - कुल

नए केस - 13,44,75 - 13,22,67 - 26,67,42

फालोअप - 13,58,68 - 12,31,52 - 25,90,20

नोट : आंकड़े शासकीय अस्पतालों में ओपीडी के दौरान स्क्रीनिंग के।

प्रतिक्रयाएं-

अस्पताल की ओपीडी में हर माह डायबिटिज रेटिनोपैथी के करीब 1200 मरीज पहुंच रहे हैं। करीब 20 सर्जरियां होती है। लोगों में जागरूकता नहीं होने की वजह से काफी विलंब से मरीज पहुंचते हैं।

-डा. संतोष सिंह पटेल, रेटिना सर्जन, डा. भीमराव आंबेडकर अस्पताल

जिला अस्पताल में प्रति माह 150 से अधिक डायबिटिज रेटिनोपैथी के मरीज आते हैं। प्रत्येक सोमवार व गुरुवार को अस्पताल में विशेष ओपीडी लगाई जाती है। लोगों में जागरूकता बेहद जरूरी है।

-डा. निधि ग्वालरे, (नेत्र रोग विशेषज्ञ), नोडल जिला अंधत्व समिति, रायपुर

Posted By: Pramod Sahu

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