रायपुर। यात्रियों को भारतीय रेल की धरोहर से यात्रियों को रूबरू कराने के लिए रेल प्रशासन ने अनोखा कदम उठाया है। रेल प्रशासन ने रायपुर रेलवे मंडल के रायपुर और दुर्ग रेलवे स्टेशन पर एलईडी के माध्यम से यात्रियों को रेलवे की राष्ट्रीय घरोहर को दिखाना शुरू कर दिया है।

इसकी शुरुआत होने से स्टेशन पर बैठे ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री बोर नहीं होंगे। रेलवे के इस डिजिटल संग्रहालय में रेलवे की पहली ट्रेन कब चली, पहली ट्रेन कहां से कहां चली, रेलवे का पुराना इंजन कैसा था आदि की जानकारी दी जा रही है।

रायपुर रेलवे स्टेशन से एक दिन में 70 हजार यात्री सफर करते हैं। ट्रेन समय पर न आने पर यात्री किसी तरह अपना समय व्यतीत करते हैं। इनमें से अधिकांश लोगों को भारतीय रेलवे का इतिहास को लेकर मन में जिज्ञासा रहती है। ऐसे यात्रियों के लिए रेल प्रशासन द्वारा थ्री डी डिजिटल संग्रहालय के जरिए रेलवे की पुरानी धरोहरों को दिखाया जा रहा है, जिसमें रेलवे का इतिहास भी शामिल है।

थ्री डी डिजिटल म्यूजियम के तहत बड़ी स्क्रीन पर यात्रियों को रेलवे के इतिहास से अवगत कराया जा रहा है। रेल मंडल स्तर पर इस माह रायपुर रेल मंडल के रायपुर एवं दुर्ग स्टेशन में इसकी शुरुआत कर दी गई है। इस डिजिटल म्यूजियम में छोटी फिल्म दिखा कर यात्रियों को रेलवे का इतिहास बताया जा रहा है।

इससे यात्रियों के मनोरंजन के साथ ही उन्हें कई तरह की जानकारियां भी मिलेंगी। डिजिटल संग्रहालय में रेलवे की पहली ट्रेन कब चली, पहली ट्रेन कहां से कहां चली, रेलवे का पुराना इंजन कैसा था आदि की जानकारी दी है। इस परियोजना के तहत स्टेशन पर राष्ट्रीय धरोहर वर्ष 1853 से लेकर अब तक की शार्ट मूवी क्लिप के जरिए डिजिटल एलइडी स्क्रीन पर दिखाई जा रही है।

एलईडी के माध्यम से दिखा रहे इतिहास

अधिकारी ने बताया कि इस पर कोई अतिरिक्त व्यय नहीं किया जाएगा, क्योंकि हम वर्तमान तकनीक जैसे एलईडी टीवी का प्रयोग कर रहे हैं। इसके पहले देशभर के कई स्टेशनों पर डिजिटल संग्रहालय का प्रदर्शन किया जा रहा है।