रायपुर। संपूर्ण प्रदेश में एक दिसंबर से धान खरीदी प्रारंभ होने वाली है। उससे पहले सोसायटियों में आज से किसानों को टोकन का वितरण प्रारंभ किया गया है, लेकिन आज पहले ही दिन इसको लेकर सोसायटियों में जमकर अव्यवस्था और किसानों के बीच अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। किसानों में पहले टोकन लेने को लेकर इस कदर मारामारी रही कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में डोंगरगांव के कृषि उपज मंडी में संचालित सेवा सहकारी समिति के सामने आसपास के किसान एक दिन पूर्व रात से सोसायटी के बाहर जागरण करते हुए देखे गए।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में आगामी एक दिसंबर से विभिन्न सोसायटियों के माध्यम से धान खरीदी करने का फैसला लिया था। जिसके परिप्रेक्ष्य में किसानों को टोकन जारी करने की प्रक्रिया आज से प्रारंभ किये जाने का आदेश प्रसारित किया गया था। इसके तहत्‌ किसानों को अपना-अपना धान पंजीयन प्रमाणपत्र लेकर सोसायटियों में उपस्थित होने के निर्देश दिये गये थे। गांव-गांव में किसानों को इसकी सूचना प्रेषित किये जाने के बाद आज तड़के से नगर के कृषि उपज मंडी प्रागंण में संचालित सेवा सहकारी समिति में किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षों में इन दिनों तक धान की खरीदी शुरू हो जाती थी, परंतु इस साल कोरोना संक्रमण के कारण धान खरीदी में विलंब हो रहा है। इसके कारण न किसानों को अपनी उपज अन्य स्थानों पर बेचना पड़ रहा है और नुकसान उठाना पड़ रहा है।

टोकन जारी करने हेतु कराई गई मुनादी

टोकन जारी करने के पूर्व गांवों में इसके लिए मुनादी कराई गई। इसके कारण पहले ही दिन किसानों की भारी भीड़ सोसायटी में सुबह से उमड़ पड़ी। कई-कई किसान तो रात से ही सोसायटी आफिस के सामने रतजगा करते पाये गये, जबकि कई किसान तड़के पहुंचे। उनके बीच पंजीयन फार्म दिखाकर टोकन प्रा'त करने की मारामारी देखी गई।

सुबह सोसायटी कार्यालय के सामने का नजारा बहुत अजीब था। किसान अपने धान पंजीयन प्रमाण पत्र को जमीन में पत्थर में दबाकर अपनी लाईन बनाये हुअे थे, तो अनेक किसान अपना साथ लाये थैला, च'पल, जूता को ही लाईन में लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।

चार-पांच घंटों की मेहनत के बाद भी किसान के हाथ रहे खाली

शासन के निर्देश के बाद टोकन प्राप्त करने के लिए कई किसानों के रतजगा करने, कई लोगों के चार-पांच घंटे लाइन में लगे होने के बाद भी जब सोसायटी आफिस खुला। यह बताया गया कि अभी सिर्फ धान पंजीयन प्रमाण पत्र जमा करवाया जा रहा है, किसानों को टोकन अभी नहीं दिया जाएगा। किस गांव के किसान को कब अपना धान बेचना है, यह बाद में बताया जाएगा।

इस तरह के निर्देश के बाद किसानों में जमकर आक्रोश देखा गया। कई-कई किसान तो राज्य सरकार की धान खरीदी नीति की ही आलोचना करते नजर आए।

बता दें कि मंडी प्रागंण में बीते 26 नवंबर के रात 10 बजे से ही हालचल मचना शुरू हो गया था, किसान कंबल और चटाई लेकर डोंगरगांव कृषि उपज मंडी पहुंचने लगे थे। उन्हें सूचना मिली थी कि शुक्रवार 27 नवंबर को पंजीयन प्रमाण जमा कर टोकन प्राप्त होगा, इसलिए आसपास गांव के किसान रात से ही पहले नंबर में आने की होड़ में कड़ाके की ठंड की भी परवाह न करते हुए मंडी पहुंच गये थे। कुछ किसान तो पूरी रात अपनी पारी के इंतजार में रतजगा करते रहे। जबकि, सुबह होते होते मंडी में किसानों का मेला लग गया और गेट बंद होने के कारण किसानों को गेट फांदकर सोसयटी में जाते देखा गया।

इस संबंध में सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता ने बताया कि सुबह से बड़ी संख्या में किसान सोसायटी पहुंचे गये थे। इसके कारण अफरा-तफरी का माहौल रहा। अभी सभी किसानों से पंजीयन प्रमाण पत्र जमा करवाकर उन्हें वापस घर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि पहले ही दिन लगभग दो हजार किसानों ने अपना पंजीयन प्रमाण पत्र जमा किया गया है। किसानों को टोकन जारी करने की सूचना मोबाइल या मैसेज के माध्यम से दिया जायेगा। साथ ही पंचायत में सूचना चस्पा किया जायेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस