रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

प्रदेश में हुनर की कमी नहीं है। जिनमें हुनर है वह अपना परचम देश-विदेश में लहरा रहा है। वहीं कई हुनर ऐसे भी हैं जिसे पहचानने की जरूरत है। खासकर दिव्यांग बच्चे, जिनमें अपार हुनर तो है लेकिन उन्हें सही समय पर सही मंच नहीं मिल पाता है। ऐसे ही दिव्यांग और हुनरमंद बच्चों को तलाशने और उनको मंच प्रदान करने का बीड़ा उठाया है शहर के सीए कुछ युवाओं ने। 'राग फाउंडेशन' के माध्यम से इन्होंने अभी तक कई बच्चों को मंच प्रदान कर चुके हैं। जिनका टेग लाइन है 'आपका हुनर हमारा प्रयास'। इसी को चरितार्थ करते हुए शहर के कई बच्चों को प्लेट फॉर्म प्रदान करवा चुके हैं। जिसमें प्रेरणा स्कूल के दिव्यांग बच्चे शामिल हैं। जिन्होंने स्वच्छ रायपुर के गीत गाए। ऐसे ही दो और कलाकारों को फाउंडेशन ने मंच प्रदान करवाया है, जिसे लोगों ने खूब सराहा। एक समय था जब इन बच्चों को कोई मंच देने के लिए तैयार नहीं होता था।

ऐसे ही प्रदेश भर के हुनर मंद दिव्यांग बच्चों को तलाशकर उन्हें तराशा जाएगा, साथ ही मंच प्रदान किया जाएगा। पहले फाउंडेशन द्वारा संगीत से संबंधित बच्चों को ही ट्रेनिंग दी जाती थी लेकिन अब फाउंडेशन के द्वारा दिव्यांगों को सुर के साथ नृत्य, ड्रामा और धुन सिखाए जाएंगे। इसके लिए राग फाउंडेशन ने स्टूडियो तैयार किया है। इसका उद्घाटन शुक्रवार को किया गया। इस अवसर पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। संस्था के सदस्य सीए मदन मोहन उपाध्याय ने बताया कि हम लोगों का प्रयास है कि दिव्यांग बच्चों का चयन कर जो आर्थिक रूप से असमर्थ हैं और कला को सिखना चाहते हैं, ऐसेप्रतिभाओं को निखारें और मंच प्रदान करें।

गांवों के प्रतिभावान दिव्यांगों के हौसले को मिलेगी उड़ान

यूं तो शहर के दिव्यांगों को मंच मिल भी जाता है, लेकिन जो लोग शहर से दूर-दराज इलाकों यानी गांवों में रहते हैं उन्हें सही प्लेटफार्म नहीं मिल पाता। इससे उनका हुनर निखर नहीं पाता है। राग फाउंडेशन के सदस्य ऐसे ही दिव्यांग हुनरमंद बच्चों को ढूंढकर कला सिखाएगा।

ऐसे खोजे जाएंगे प्रतिभाएं

संस्था के सदस्यों द्वारा गावों व शहर के दिव्यांग स्कूलों में जाकर कला सिखने के इच्छुक बच्चों का चयन किया जाएगा। बच्चे जिस कला के लिए इच्छुक होंगे उन्हें स्टूडियों में लागकर पारंगत किया जाएगा।

कलाकारों ने मोहा मन

राग फाउंडेशन के म्यूजिक स्टूडियो के दिव्यांग बच्चों को संगीत, ड्राम और नृत्य सिखाया जाएगा, जिसके उद्घाटन समारोह में कई आकर्षक कार्यक्रम हुए। खैरागढ़ विवि के छात्रों ने सुर छेड़े और सभी को मदमस्त किया। इस अवसर पर हरप्रीत कौर ने अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने गजल में आज आने की जिद न करो..., ठुमरी में याद पिया की आई..., कजरी में बरसन लागी बदरिया..., सूफी में छाप तिलक सब छीन लिया मोसे नैना... की प्रस्तुति देकर लोगों को खूब झुमाया।